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पुर्तगाल की हार के साथ फुटबॉल में एक युग का अंत- 6 वर्ल्ड कप में खेलकर क्या कुछ कर गए क्रिस्टियानो रोनाल्डो, एक नजर

फुटबॉल के नामचीन सितारे क्रिस्टियानो रोनाल्डो फीफा वर्ल्ड कप में निराश होकर घर लौटने की तैयारी में हैं. यह उनका छठा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट था, लेकिन वह एक भी बार अपने देश को वर्ल्ड खिताब नहीं जिता पाए.

By Arun Kumar | Updated: July 7, 2026 1:47 PM IST

रोनाल्डो के पैरों की थिरकन पर थिरकती थी फुटबॉल

2000 के दशक में पुर्तगाल की फुटबॉल में एक ऐसा खिलाड़ी आया, जिसने फुटबॉल खेलने के अपने हुनर से पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना लिया. फुटबॉल उनके पैरों की थिरकन पर थिरकती थी. अपने पूरे करियर में उन्होंने 5 बार बैलन डी (साल का सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर) अवॉर्ड जीता, जबकि वह 35 बार नामी ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे. (तस्वीर: IANS)

दुनिया भर में बच्चे-बच्चे का फेवरेट है रोनाल्डो

बीते 2 दशक में दुनिया भर में बच्चे-बच्चे का फेवरेट फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं. इंस्टाग्राम पर उन्हें करीब 67 करोड़ (668 मिलियन) लोग फॉलो करते हैं. वह बीते कई सालों से साल में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ी हैं. (तस्वीर: IANS)

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पूरे पुर्तगाल को लगा- वर्ल्ड कप जिताने वाला आ गया

फुटबॉल की दुनिया में उनके बढ़ते रौब को देखते हुए पुर्तगाल और उनके फैन्स को लगा कि उनकी टीम में वह सितारा आ गया है, जो एक न एक दिन पुर्तगाल को उसका पहला वर्ल्ड कप खिताब जिताएगा. (तस्वीर: IANS)

2006 वर्ल्ड कप में पुर्तगाल को अंतिम 4 तक पहुंचाया

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2006 में पहली बार किसी फीफा वर्ल्ड कप में शिरकत की थी. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक लगातार छह वर्ल्ड कप में शिरकत की. 2006 में ही पुर्तगाल वर्ल्ड कप जीतने के बहुत करीब पहुंचा था लेकिन तब उसे चौथे पायदान पर रहकर ही संतोष करना पड़ा. पुर्तगाल इससे निराश नहीं था और उसे उम्मीद थी कि अपने करियर की शुरुआती दिनों में रोनाल्डो अगले वर्ल्ड कप तक टीम को खिताब दिलान के लिए पर्याप्त परिपक्व हो जाएंगे. (तस्वीर: IANS)

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2026 में स्पेन से हारे तो रो पड़े रोनाल्डो

करियर में 6 वर्ल्ड कप खेलने के बाद भी रोनाल्डो वह नहीं कर पाए, जिसका सपना वह और उनका मुल्क देख रहा था. इस बार जब राउंड ऑफ 16 में स्पेन से हारकर उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हुई तो रोनाल्डो की आंखें नम थीं. वह जान चुके थे कि जो सपना लेकर वह बचपन से मैदान पर उतरा करते थे वह पूरा नहीं हो पाया. (तस्वीर: IANS)

वर्ल्ड कप के लिए 41 की उम्र में भी खेला फुटबॉल

प्रोफेशनल स्पोर्ट्स में खिलाड़ियो की उम्र बहुत मायने रखती है. 35-36 साल की उम्र के बाद खिलाड़ियों की गति और रिफ्लेक्सिस धीमी पड़ने लगती हैं. ऐसे में युवा जोश के सामने टिके रहना आसान नहीं होता, लेकिन रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप के लिए खुद को सुपरफिट और फुर्तीला बनाए रखने के लिए बरसों से जी तोड़ मेहनत की. वह 41 साल के हो चुके थे, फिर भी अपने देश को वर्ल्ड कप जिताने का दमखम लगा रहे थे. वह आखिरी बार वर्ल्ड कप जीतने के लिए मैदान पर थे लेकिन टीम को प्री-क्वॉर्टरफाइनल से आगे नहीं ले जा पाए. (तस्वीर: IANS)

6 वर्ल्ड कप में रोनाल्डो का ऐसा रहा कमाल

इसकी निराशा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी. 6 वर्ल्ड कप के करियर में रोनाल्डो ने 27 मैच खेले, उन्होंने यहां कुल 2150 मिनट मैदान पर बिताए. इस दौरान वह कुल 11 गोल कर पाए, जबकि दो गोल में वह असिस्ट कर पाए. उनके करियर का सबसे शानदार वर्ल्ड कप टूर्नामेंट 2018 का टूर्नामेंट था, जब रूस में खेले गए इस वर्ल्ड कप में उन्होंने निजी तौर पर सबसे ज्यादा 4 गोल किए थे. इसके बाद मौजूदा वर्ल्ड कप उनका दूसरा सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड कप रहा, जिसमें उन्होंने कुल 3 गोल किए. इसके अलावा वह बाकी 4 वर्ल्ड कप में 1-1 गोल ही कर पाए. (तस्वीर: IANS)