क्या कोर्ट में खुद का केस लड़ सकते हैं आप?
जिंदगी बहुत अनिश्चित है. कब कौन सी मुसीबत आ जाए, कहा नहीं जा सकता. अगर मुसीबत लीगल मामलों के रूप में हो, तो परेशानी और बढ़ जाती है. जब भी कोई व्यक्ति किसी सिविल या क्रिमिनल केस में घिर जाता है, तब उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं. अपनी पैरवी के लिए वकील की महंगी फीस तक चुकानी पड़ती है. कई बार वकील की फीस इतनी महंगी होती है कि आप उसे देने में असमर्थ होते हैं. ऐसे केस में आप अपना केस खुद लड़ सकते हैं. भारत का संविधान में आपको इसका ऑप्शन देता है.






