कोविड के बाद हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की बढ़ी मांग
बढ़ती महंगाई के इस दौर में दवा, लैब टेस्ट और डॉक्टर की फीस से लेकर हॉस्पिटल के खर्च तक साल-दर-साल बढ़ते जा रहे है. कोरोना महामारी के बाद से हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिक्लेम पॉलिसी की मांग बढ़ी है. हेल्थ इंश्योरेंस होने से इमरजेंसी और गंभीर बीमारी के समय आपको इलाज कराने में मदद मिलती है. कई बार ऐसा देखा जाता है कि व्यक्ति के पास हेल्थ इंश्योरेंस होता तो है, लेकिन काम के वक्त उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. क्योंकि हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय वो अनजाने में कई गलतियां कर बैठते हैं, इससे उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है. आइए जानते हैं क्लेम रिजेक्ट होने से कैसे बचा जा सकता है? क्लेम रिजेक्ट हो जाए, तो आपके क्या अधिकार हैं:-