Hidden Places Of Varanasi For Dev Diwali With Less Crowd In Hindi 8165549
Dev Diwali Special: दशाश्वमेध घाट हुआ बोरिंग! देव दिपावली के लिए जाएं बनारस के ये 5 Hidden Places.....भीड़ से दूर सुकून से देखें नजारें
Dev Deepawali Varanasi Hidden Gems: देश-विदेश से लोग बनारस देवदिपावली मनाने आते हैं. मगर सोशल मीडिया के द्वारा बनाई गई हाइप के कारण यहां काफी ज्यादा भीड़ होने लगी है. हालांकि, दशाश्वमेध घाट की बजाय कम भीड़ के साथ इस पर्व का आनंद ले सकते हैं.
बनारस सबसे पुराना शहर है. यहां के हर पत्थर पर शिव और हर गली में इतिहास की लकीरें बिछी हुई हैं. बनारस में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के अलावा यहां की देव दिपावली काफी फेमस है. इसके लिए लोग देश-विदेश से यहां पर आते हैं.
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देव दिवाली पर भीड़
देव दिवाली सिर्फ भारत में फेमस नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है. इस दिन बनारस के घाटों पर इतनी भीड़ होती है, कि लोगों को पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती. सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति दशाश्वमेध घाट की होती है. इसीलिए इतनी भीड़ में इस घाट पर दर्शन करने क्यों जाना, जबकि इन 5 खूफिया घाटों से भी आप कम भीड़ में देव दिपावली का आनंद उठा सकते हैं.
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पंचगंगा घाट
दशाश्वमेध से थोड़ा दूर, पंचगंगा घाट बनारस का सबसे पुराना घाट है. यहां 1985 से ही देव दीपावली पर दीयों की शुरुआत हुई. रात में लाखों दीये जलते हैं, लेकिन भीड़ कम रहती है. गंगा का पानी चांदनी रात में चमकता है. सुबह-सुबह आकर ध्यान करें या शाम को आरती देखें.
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अश्वमेध घाट
दशाश्वमेध के पास ही है अश्वमेध घाट, लेकिन ये कम चर्चित है. प्राचीन घोड़े के यज्ञ की जगह मानी जाती है. यहां घास पर बैठकर गंगा को निहारें. देव दीपावली पर दीये जलते हैं, और सूर्यास्त का नजारा कमाल का होता है. भीड़ से बचने के लिए ये परफेक्ट. आसपास के पेड़ों में चिड़ियां चहचहाती हैं. अगर योगा पसंद है, तो सुबह यहां ट्राई करें.
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रीवा घाट
रीवा घाट शहर के दक्षिण में छिपा है. पर्यटक यहां कम आते हैं, इसलिए ये सुकून की जगह है. देव दीपावली पर घाट दीयों से जगमगा उठता है. गंगा के किनारे लंबी सैर करें, या नाव पर बैठकर लाइट शो देखें. आसपास के गांवों की हवा ताजी लगती है. शाम को यहां आओ, तो चाय की चुस्की के साथ नजारे एंजॉय करो.
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चेत सिंह घाट
चेत सिंह घाट पुराना किला जैसा है, जहां इतिहास और त्योहार मिलते हैं. यहां दीयों की लाइटिंग यूनीक है जैसे कि दीवारों पर चमकती रोशनी कमाल करती है. नाव से देखना सबसे अच्छा, क्योंकि व्यू पॉइंट शानदार है. लोकल कल्चरल शो और फायरवर्क एंजॉय कर सकते हैं.
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अस्सी घाट
अस्सी घाट दशाश्वमेध से थोड़ा दूर है, लेकिन यहीं से त्योहार की शुरुआत होती है. यहां गंगा आरती का अपना अलग अंदाज है. यहां पर कम लोग, ज्यादा शांति मिलेगी. दीये जलते हुए देखना जादुई लगता है. सुबह गंगा स्नान करें, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लें. स्ट्रीट फूड जैसे मलाईयो खाकर त्योहार को स्वादिष्ट बनाएं.
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भीड़भाड़ से दूर
इन घाटों और स्थानों पर जाकर आप देव दिपावली का खूब आनंद उठा सकते हैं. ये स्थान भीड़भाड़ से कोसों दूर हैं. यहां पर जाकर आप शांति और सुकून से इस त्योहार के रंग को महसूस कर सकते हैं.
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Disclaimer:
यह आंकड़े विभिन्न स्रोतों के हालिया अपडेट पर आधारित हैं. India.com इन बातों की पुष्टि नहीं करता है. (Photo Credit- Pinterest)
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