मणिपुर के भारत में विलय की असली कहानी
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिल गई थी, लेकिन विभाजन के बाद मुल्क को जोड़ने का काम लंबा और जटिल था. रियासतों को भारत में मिलाने का सफर दसियों वर्षों तक चला. इनमें कश्मीर की बहस तो हमेशा हो रही है, लेकिन मणिपुर जैसे छोटे राज्य की विलय कहानी भी उतनी ही दिलचस्प और विवादों से भरी थी. सितंबर 1949 तक मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं था, जब तक महाराजा बोधचंद्र सिंह ने अपने राज्य को 'भाग-सी' में बदलने वाला विलय समझौता स्वीकार नहीं किया.