How Mumbai Railway Stations Got Their Names Kandivali Matunga Churchgate Kurla Station 8193846
चर्चगेट में कौन सा गेट और गोरेगांव में कौन सा गांव? जानिए मुंबई के इन स्टेशनों के अजीबोगरीब नाम की वजह
Mumbai Railway Stations: मुंबई की लोकल ट्रेन में कभी सफर किया है, तो यहां के स्टेशन के नाम जैसे कुर्ला, चर्नी रोड या माटुंगा तो सुने होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये नाम आखिर कैसे रखे गए? आइए इसकी कहानी जानते हैं.
अगर आपने कभी मुंबई की लोकल ट्रेन से सफर किया है, तो आपको वहां के स्टेशनों के नाम पता होगे. जैसे कुर्ला, चर्नी रोड और माटुंगा. लेकिन क्या आपको पता ऐसे नाम कैसे रखे गए, आइए जानते है.
People are also watching
2/8
चर्चगेट रेलवे स्टेशन
मुंबई के सबसे एक्टिव स्टेशनों में से एक, चर्चगेट का नाम 1860 के दशक के मध्य में ध्वस्त किए गए पुराने चर्च गेट के नाम पर रखा गया था. यह उस जगह पर चर्च का एंट्री गेट था जहां आज फ्लोरा फाउंटेन स्थित है.
3/8
माटुंगा
माटुंगा शब्द मराठी शब्द मतंग या हाथी से लिया गया है, ऐसा कहा जाता है कि राजा भीमदेव की सेना के हाथी 12वीं शताब्दी के आसपास इस इलाके में तैनात थे. इसके साथ ही ब्रिटिश राज के वक्त माटुंगा एक तोपखाना स्टेशन हुआ करता था.
4/8
वी. नालासोपारा
इसका नाम पुराने बंदरगाह शूर्परका या सोपारा के स्थान पर रखा गया है. जिन्हें भारत का सबसे पुराने बंदरगाह शहरों में से एक माना जाता है. जिनका इतिहास 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है.
5/8
कांदिवली
कांदिवली जिसे पहले कभी खंडोली के नाम से जाना जाता है. यह रेलवे स्टेशन 1907 में चालू हुआ था. माना जाता है कि इसका खंड से आया है. जिसका मतलब होता है चट्टान का टॉप पार्ट, क्योंकि यहां पत्थर की खदानें थी.
6/8
कुर्ला
सेंट्रल लाइन के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक कुर्ला नाम कुरली से आया है. जो केकड़ों वहां लोकल नाम होता है. क्योंकि ये आसपास के दलदलों में ज्यादा मात्रा में पाए जाते थे.
7/8
गोरेगांव
इस स्टेशन का नाम गोरेगांव रखने की कई वजह बताई जाती है. जिनमें से कुछ लोगों मानना है कि यह जगह प्राचीन काल में एक बड़ा दूध उत्पादन केंद्र थी. यही वजह है कि गोरेगांव नाम रखा गया है.
8/8
रेलवे स्टेशन चर्नी ऱोड (गिरगांव)
रेलवे स्टेशन का चर्नी नाम होने के पीछे दो वजहें बताई जाती है. पहला इसका मतलब चरने वाला, क्योंकि यहां एक जमाने घोडे़ और मवेशियों के लिए चाराग्रह हुआ करता था. वही दूसरा ठाने की जगह 'चेंदनी' से लिया गया है. लेकिन अब इसका नाम बदलकर गिरगांव हो चुका हैं.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.