हेली गुब्बी ज्वालामुखी
उत्तरी इथियोपिया में 23 नवंबर की सुबह लंबे समय से शांत पड़ा हेली गुब्बी ज्वालामुखी अचानक फट गया. आसमान में राख का बड़ा गुबार उठा, लेकिन गनीमत ये रही की यहां इससे कोई हताहत नहीं हुई है.
By Rishabh Kumar | Updated: November 26, 2025 7:47 PM IST
उत्तरी इथियोपिया में 23 नवंबर की सुबह लंबे समय से शांत पड़ा हेली गुब्बी ज्वालामुखी अचानक फट गया. आसमान में राख का बड़ा गुबार उठा, लेकिन गनीमत ये रही की यहां इससे कोई हताहत नहीं हुई है.
यह विस्फोट 12,000 साल बाद हुआ, जिससे वैज्ञानिकों में हैरानी फैल गई. यहां के लोगों का ने कहना है कि आवाज ऐसी थी जैसे अचानक कोई बम फेंका गया हो और पूरा इलाका जोर से हिल उठा.
ज्वालामुखी पृथ्वी की पपड़ी में बनी एक दरार होती है, जिससे मैग्मा, गर्म गैसें और पिघला लावा बाहर निकलते हैं. पृथ्वी की गहराई में गर्मी चट्टानों को पिघलाकर मैग्मा बनाती है.
मैग्मा हल्का होने के कारण ऊपर उठता है और मैग्मा कक्षों में इकट्ठा होता जाता है. जब दबाव बढ़ता है तो यह सतह पर दरारों से बाहर आता है. यही प्रक्रिया ज्वालामुखी विस्फोट कहलाती है.
धरती बाहरी परत स्थलमंडल कहलाती है, जिसमें क्रस्ट और मेंटल शामिल होते हैं. मेंटल मोटी परत है जिसमें कुछ स्थानों पर आधी ठोस चट्टानें भी पाई जाती हैं.
दुनिया के अधिकतर ज्वालामुखी टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं पर स्थित होते हैं, जहां प्लेटें आपस में टकराती, अलग होती या नीचे खिसकती हैं. इन्हीं गतिविधियों के कारण ज्वालामुखी बनते और फटते हैं.
दुनिया में तीन मुख्य ज्वालामुखी बेल्ट हैं, प्रशांत रिंग ऑफ फायर, मध्य-महासागरीय रिज और भूमध्यसागरीय बेल्ट. खासकर रिंग ऑफ फायर में दुनिया के लगभग 75% ज्वालामुखी पाए जाते हैं.
इंडोनेशिया रिंग ऑफ फायर में लगभग 121 सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं. इसलिए इसे दुनिया का सबसे अधिक ज्वालामुखी-प्रभावित देश माना जाता है, जहां जोखिम लगातार बना और लाखों जिंदगियां पर मौत का साया रहता है.