अफ्रीका में पाए जाने वाले खनिजों (Critical Minerals) को लेकर चीन और अमेरिका पहले से ही रेस में हैं, अब भारत भी इस दौड़ में तेजी से शामिल हो रहा है.
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अफ्रीका में भारत बढ़ा रहा एक्टिविटी
भारत धीरे-धीरे अफ्रीकी देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. खासकर उन देशों में जहां दुर्लभ खनिज पाए जाते हैं. यह भविष्य की तकनीक और ऊर्जा के लिए बेहद जरूरी हैं.
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बुर्किना फासो को मदद भेजी
हाल ही में बुर्किना फासो को 1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा है. बुर्किना फासो ही नहीं, भारत ने मलावी को 1,000 टन चावल, दवाइयां और जरूरी राहत सामग्री भी भेजी है.
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मदद भेजने के पीछे क्या प्लान है?
भारत की यह सहायता सिर्फ मदद नहीं, बल्कि एक रणनीति भी है. इसके जरिए भारत अफ्रीकी देशों के साथ मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते बनाना चाहता है.
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क्यों जरूरी हैं खनिज
बता दें बुर्किना फासो सोना, मैंगनीज, जिंक और संभावित लिथियम जैसे खनिजों से भरपूर है. जो स्टील, बैटरी और ग्रीन एनर्जी के लिए बेहद जरूरी हैं.
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भारत क्या प्लान कर रहा है?
भारत का मकसद खनन पट्टे हासिल करना और इन संसाधनों को मेक इन इंडिया (Make in India) और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए सुरक्षित करना है. (Photo from Freepik, AI)
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