धरती पर सूरज जैसी ऊर्जा बनाने की कोशिश
आर्टिफिशियल सन कोई असली सूरज नहीं है, बल्कि ऐसा फ्यूजन रिएक्टर है जो उसी प्रक्रिया को दोहराने की कोशिश करता है जिससे सूरज ऊर्जा पैदा करता है. इसमें हाइड्रोजन के परमाणुओं को बेहद ऊंचे तापमान पर आपस में मिलाया जाता है. इस प्रक्रिया से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, लेकिन कार्बन डाइऑक्साइड जैसी प्रदूषण फैलाने वाली गैस नहीं बनती. वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल हो जाती है तो भविष्य में दुनिया को स्वच्छ, सुरक्षित और लगभग असीमित बिजली मिल सकती है. इसी वजह से इसे ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है.

