ऑपरेशन पोलो (1948)
हैदराबाद रियासत के निजाम किसी कीमत पर भारत में विलय के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर सहमत नहीं थे. निजाम ने रियासत की सेना के साथ रजाकारों की एक फौज खड़ी की और फिर इसके बल पर भारत के साथ जाने की आवाज उठाने वाले लोगों का कत्लेआम शुरू कर दिया. हैदराबाद को भारत का हिस्सा बनाने के लिए ये ऑपरेशन चलाया गया था. ऑपरेशन पोलो 5 दिनों तक चला. भारतीय संघ में हैदराबाद के विलय, निज़ाम शासन के अंत और भारत के राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के बाद ऑपरेशन पोलो समाप्त हुआ.