आखिर क्या है 10 हजार किलोमीटर लंबा बादलों का सिस्टम?
इन दिनों मौसम वैज्ञानिक जिस विशाल बादलों के क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं, उसे इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) कहा जाता है. ये पृथ्वी के भूमध्यरेखीय इलाके में बनने वाला ऐसा क्षेत्र है, जहां उत्तर और दक्षिण से आने वाली नम हवाएं मिलती हैं. इस टकराव से बड़े पैमाने पर बादल बनते हैं और बारिश की स्थिति तैयार होती है. इस बार इसकी लंबाई सामान्य से कहीं ज्यादा है और ये बंगाल की खाड़ी से लेकर मध्य प्रशांत महासागर तक फैला हुआ है. इसके अंदर कई ट्रॉपिकल सिस्टम सक्रिय हैं, जो धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ रहे हैं. अगर इनमें से कोई मजबूत सिस्टम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है तो भारत में मॉनसून की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं.


