Jagat Seth Gives Loan To Britisher Mughal Kings During British Rule India 8059997
भारत का वो परिवार जिसने अंग्रेजों-बादशाहों को दिया था लोन, हिल गई थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव
भारत में जगत सेठ घराना, सबसे धनवान माना जाता था. सेठ मानिकचंद और फतेह चंद ने बंगाल और ब्रिटिश भारत में बैंकिंग की अहम भूमिका निभाई, इन्होंने अंग्रेजों और बादशाहों को लोन दिया था.
भारत हमेशा समृद्ध और सम्पन्न रहा है. यहां विदेशी व्यापारी आए और शासन करने का प्रयास भी किया, जगत सेठ जैसे भारतीय बैंकरों ने अंग्रेजों और अन्य राजाओं को कर्ज देकर व्यापार और सत्ता में अहम भूमिका निभाई.
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ब्रिटिश काल में जगत सेठ सबसे धनवान
दरअसल, ब्रिटिश काल में जगत सेठ घराना सबसे धनवान माना जाता था. उनका रुतबा इतना था कि अंग्रेज भी उनसे पैसों की मदद लेने आते थे. मुर्शिदाबाद में ये बंगाल के वित्तीय केंद्र बन गए.
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कौन थे सेठ मानिकचंद?
जगत सेठ घराने के संस्थापक सेठ मानिकचंद राजस्थान के नागौर के जैन परिवार से थे, उन्होंने पटना में साल्टपीटर का व्यवसाय शुरू किया और ईस्ट इंडिया कंपनी को कर्ज देकर अपने व्यापारिक संबंध मजबूत किए.
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मुर्शिदाबाद में बढ़ता प्रभाव
जब मुर्शिद कुली खान ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद में स्थानांतरित की, तो मानिकचंद भी वहां आए. वे नवाब के प्रमुख बैंकर और वित्तीय सलाहकार बने. 1712 में उन्हें नगर सेठ का टाइटल मिला.
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फतेह चंद और घराने की ऊंचाइयां
माणिकचंद की मृत्यु के बाद फतेह चंद ने घराने को संभाला. इस दौरान बंगाल, पटना, ढाका और दिल्ली में इसकी शाखाएं खुलीं. ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ लोन, सर्राफा, टैक्स वसूली और वित्तीय लेन-देन में यह घराना शीर्ष पर था.
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बैंक ऑफ इंग्लैंड से हुई तुलना
जगत सेठ घराने की कार्यप्रणाली बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसी थी. वे बंगाल सरकार के लिए राजस्व संग्रह, सिक्के बनाने और टैक्स वसूली जैसी जिम्मेदारियाँ संभालते थे. उनके पास विशाल संपत्ति और सेना भी थी.
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महताब चंद और घराने का पतन
फतेहचंद के बाद महताब चंद ने घराने को संभाला. प्लासी की लड़ाई और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के उधार तथा सत्ता संघर्ष के कारण घराने का धीरे-धीरे पतन हुआ. उनके वंशजों के बारे में आज कोई सुनिश्चित जानकारी नहीं है.
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जगत सेठ का ऐतिहासिक महत्व
जगत सेठ घराने ने न केवल वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग प्रणाली को मजबूत किया, बल्कि ब्रिटिश और मुगल प्रशासन के बीच आर्थिक संतुलन बनाने में भी योगदान दिया. यह घराना भारत की प्राचीन समृद्धि और शक्ति का प्रतीक था. (Photo: AI)
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