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Kalki Sambhal: 1978 के दंगों के खुलेंगे काले चिट्ठे! चाकुओं से गोदा...जिंदा जलाया.. 209 लोगों को बेरहमी से मारने का सच!

Kalki Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में हुए ऐतिहासिक दंगों पर आधारित फिल्म 'कल्कि संभल' की शूटिंग चंदौसी में शुरू हो चुकी है. 1978 में हुए इस दंगे में कई बेगुनाह मारे गए थे.

By Pooja Batra | Updated: April 15, 2026 9:49 AM IST

1978 यूपी के दंगों का सच

Kalki Sambhal: यूपी के संभल में हुए दंगों के काले चिट्ठों को उजागर करती एक फिल्म बनाई जा रही है, जिसमें 1978 का वो भयावह दौर दिखाया जाएगा, जिसमें बनवारीलाल गोयल और रामचंद्र दास की हत्या हुई थी. उस दौर में हुए इस दंगे को सबसे खतरनाक और हिंसक घटनाओं में गिना जाता है.

इतिहास का काला अध्याय

ये फिल्म उन ऐतिहासिक आंकड़ों को भी उजागर करेगी, जिसमें पहले 184 और फिर बाद में 209 लोगों की बेरहमी से जान ले ली गई थी. उस दौर में हुए इस दंगे को इलाके के सबसे खतरनाक और हिंसक घटनाओं में गिना जाता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए थे कि कई दिनों तक तनाव का माहौल बना रहा. 184 लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल लोगों ने इस घटना को इतिहास के काले अध्याय के रूप में दर्ज कर दिया.

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योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में 1978 के सांप्रदायिक दंगों के बारे में बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा-हिंसा के कारण कई हिंदू परिवार विस्थापित हो गए थे, संभल से भागते वक्त उन्हें मंदिर में ताला लगाना पड़ा था. मुख्यमंत्री योगी ने एक हिंदू बिजनेसमैन की आपबीती सुनाते हुए कहा कि, उसके हाथ-पैर इसलिए काट दिए गए क्योंकि उसने लोगों की आर्थिक मदद की थी.

इस दर्दनाक घटना पर फिल्म

दंगों के दौरान कथित तौर पर 184 हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया था. कुछ रिपोर्टों में तो यह भी कहा गया है कि 1978 के सांप्रदायिक दंगों के बाद हिंदुओं की आबादी 45 पर्सेंट से घटकर 15 प्रतिशत रह गई थी. इस दर्दनाक घटना पर अब फिल्म बनाई जा रही है.

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सारी सच्चाई आएगी सामने?

निर्माता ने अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए आगे बताया कि इस फिल्म के जरिए हम दर्शकों को उन सच्चाइयों से रूबरू कराएंगे, जो अब तक इतिहास के पन्नों में दबे हुए हैं.

कोर्टरूम सीन भी दिखाया जाएगा

उन्होंने आगे कहा, "फिल्म में केवल अतीत ही नहीं बल्कि 2024 के ताजा घटनाक्रम को भी दिखाया जाएगा. इस फिल्म में हरिहर मंदिर और जामा मस्जिद के सर्वे विवाद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कोर्टरूम सीन भी है. इसमें दिखाया जाएगा कि कैसे अदालत सर्वे का फैसला लेती है.

इस दंगे को कैसे रोका गया था?

इसमें दिखाया जाएगा कि कैसे अदालत सर्वे का फैसला लेती है.वर्तमान शूटिंग शेड्यूल में दिग्गज कलाकार गोविंद नामदेव और राजनेता नरस गोसाई के बीच एक तीखी अदालती बहस को फिल्माया जा रहा है.फिल्म यह भी दर्शाएगी कि कैसे 2024 में प्रशासन (मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी) की मुस्तैदी के कारण बड़े दंगों को होने से रोका गया.

फिल्म की स्टारकास्ट

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए बताया, "यह फिल्म अगल डेढ़ से दो महीनों तक संभल जिले के कई हिस्सों में शूट की जाएगी. इस फिल्म में अन्नू कपूर, महेश मांजरेकर और विजय राज जैसे मंझे हुए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए नजर आएंगे". भरत एस. श्रीनेत द्वारा निर्देशित फिल्म का निर्माण अमित जानी कर रहे हैं. (इनपुट एजेंसी)