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ज्वालामुखी के मुहाने से होकर गुजरती है ये खूबसूरत झील, पानी इतना खतरनाक कि छूने से ही गल जाएगा इंसान

Kawah Ijen: कावा इजेन दुनिया की सबसे अम्लीय झील है जिसके पानी का ph 0.3 से कम है, जो धातु और इंसान को पल भर में गला सकता है. यह झील अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में फेमस है.

By Satyam Kumar | Updated: January 17, 2026 4:31 PM IST

खूबसूरती जो जान ले ले

जावा द्वीप पर स्थित कावा इजेन ज्वालामुखी का मुहाना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन यह स्थान जितना सुंदर है उतना ही अविश्वसनीय और अविस्मरणीय भी. इसे दुनिया की सबसे खतरनाक क्रेटर झील माना जाता है.

बैटरी एसिड जैसा पानी

लाइव साइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस झील के कुछ हिस्सों का pH लेवल 0.3 से भी कम है. समझने के लिए बता दें कि यह बैटरी एसिड के समान शक्तिशाली है. सरल शब्दों में कहें तो, यह पानी इतना शक्तिशाली है कि संपर्क में आने पर त्वचा को जला सकता है और धातु को पल भर में गला सकता है.

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मौत के बीच जिंदगी

इन तमाम जोखिमों के बावजूद, यह जगह लोकल लोगों के लिए कार्यस्थल भी है. खनिक क्रेटर के तल से जमे हुए सल्फर (गंधक) को निकालते हैं. वे लोहे की छड़ों से सल्फर के भारी टुकड़ों को तोड़ते हैं और उन्हें टोकरियों में भरकर लगभग 3 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करते हैं. एक टोकरी का वजन 40 से 50 किलोग्राम तक होता है, और अत्यधिक थकान के कारण वे दिन में केवल एक ही चक्कर लगा पाते हैं.

जादुई रंग का रहस्य

इस झील का रंग चमकीला फिरोजा (Turquoise) या नीला-हरा है, जो देखने में अवास्तविक लगता है. यह रंग ज्वालामुखी के नीचे मौजूद लाल-गर्म मैग्मा द्वारा छोड़े गए खनिजों और एसिड के कारण बनता है. यह झील इतनी चमकीली है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है.

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जहरीली हवाओं का पहरा

जहरीली हवाओं का पहरा खतरा केवल पानी से नहीं है. झील और आसपास के छिद्रों से सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें लगातार निकलती रहती हैं. सुरक्षा (गैस मास्क) के बिना यहां जाने से सांस की समस्या, पक्षाघात (paralysis) और मृत्यु भी हो सकती है.

नीली आग का तांडव

यहां का सबसे बड़ा आकर्षण ब्लू फायर (नीली आग) है. जब अत्यधिक उच्च तापमान पर ज्वालामुखी के छिद्रों से निकलने वाली सल्फ्यूरिक गैसें ऑक्सीजन के संपर्क में आती हैं, तो वे नीले रंग की लपटों के साथ जल उठती हैं. इन लपटों का तापमान 600 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. दिन की रोशनी में ये लपटें नहीं दिखतीं, इसलिए पर्यटक रात के अंधेरे में इसे देखने के लिए चढ़ाई करते हैं.

इंडोनेशिया जाने पर बरतें ये सावधानी

यदि आप कभी यहां जाने की योजना बनाएं, तो पेशेवर गाइड और प्रमाणित गैस मास्क के बिना क्रेटर के पास जाने की गलती न करें.