Khasi Tribes Follows Matriarchal System Where Women Lead Families Grooms Go Brides Home 8260904
शादी के बाद होती है दूल्हे की विदाई, पत्नी बनती है घर की मुखिया...दुनिया से उल्टे हैं यहां के रीति-रिवाज
Khasi Community: दुनिया में कई जनजातियां रहती हैं, इन जनजातियों के अपने कायदे कानून होते हैं. इस स्टोरी में हम आपको भारत की खासी जनजाति के बारे में बता रहे हैं.
दुनिया में कई जनजातियां रहती हैं, जिनकी परंपराएं अलग होती हैं. खासी जनजाति ऐसी ही एक जनजाति है, जो भारत के मेघालय, असम और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में पाई जाती है.
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उल्टा है नियम
जहां दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में शादी के बाद दुल्हन को विदा कर दिया जाता है, लेकिन खासी समाज में ऐसा नहीं होता.
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बेटियों को माना जाता है परिवार का आधार
खासी जनजाति में बेटियों को परिवार का आधार माना जाता है. यहां बेटी के जन्म पर खुशी मनाई जाती है और उन्हें परिवार की सबसे अहम सदस्य समझा जाता है.
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महिलाएं निभाती है जिम्मेदारी
इस जनजाति में घर और परिवार की जिम्मेदारी महिलाओं पर होती है. पुरुषों की बजाय महिलाएं परिवार के फैसले लेती हैं और संपत्ति की देखभाल भी करती हैं.
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मां का दिया जाता है उपनाम
खासी समाज मातृसत्तात्मक व्यवस्था पर चलता है, जहां वंश मां के नाम से आगे बढ़ता है. बच्चों को पिता नहीं, बल्कि मां का उपनाम दिया जाता है.
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क्यों अपनाई गई ये परंपरा?
माना जाता है कि पुराने समय में युद्धों के कारण पुरुष लंबे समय तक घर से दूर रहते थे, जिससे वंश पहचान में परेशानी हुई और समाज ने मां के नाम से परंपरा अपनाई.
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दुल्हन के घर आकर रहता है दूल्हा
यहां शादी के बाद दूल्हा, दुल्हन के घर आकर रहता है. लड़कियां अपने माता-पिता के घर रहती हैं और लड़के ससुराल में बस जाते हैं.
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तलाक को लेकर क्या है नियम?
खासी समाज में शादी और तलाक दोनों आसान हैं. तलाक के बाद बच्चों पर पिता का अधिकार नहीं होता और बच्चे मां के परिवार का हिस्सा माने जाते हैं. (All Image: AI)
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