वाराणसी का मणिकर्णिका घाट
Manikarnika Ghat History and Bollyood Connection: वाराणसी का मणिकर्णिका घाट, जिसे मोक्ष का द्वार भी कहा जाता है. यहां 24 घंटे चिताएं जलती हैं. मौत कभी सोती नहीं. धुआं आसमान से बातें करता है और जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा मिटती हुई सी नज़र आती है. मणिकर्णिका घाट को दुनिया के सबसे प्राचीन और रहस्यमयी घाटों में से एक माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जो यहां जो भी अंतिम सांस लेता है उसे मोक्ष मिलता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां कान में तारक मंत्र देते हैं. हालांकि ये अभी भी रहस्य है कि अंतिम संस्कार कराने वाला पंडा मृत शरीर के कान में क्या बोलता है. देश विदेश से लोग यहां अपनी अंतिम यात्रा के लिए आते हैं.