Mughal-E-Azam की कहानी
Mughal-E-Azam: के. आसिफ की ये फिल्म 5 अगस्त 1960 को रिलीज़ हुई थी. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दिग्गज राइटर कमलेश पांडे ने इस फिल्म की जर्नी के बारे में ढेर सारी बातें बताईं. उन्होंने बताया इस फिल्म को बनाना आसिफ के लिए आसान नहीं था. उस दौर में बिना तकनीक के हर शॉट में आसिफ का परफेक्शन ढूंढना और प्रोड्यूसर तक से लड़ जाना चर्चा का विषय रहता. ये एक ऐसी फिल्म थी जिसमें पहली बार बाउंस लाइट का यूज़ किया गया था. तब जाकर 'जब प्यार किया तो डरना क्या' शूट हुआ.