मूलांक 3 और भाग्यांक 3
अंक ज्योतिष में किसी व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर उसका मूलांक तय होता है और पूरी जन्मतिथि को जोड़ने पर भाग्यांक निकलता है. मूलांक और भाग्यांक दोनों के अंक आमतौर पर अलग होते हैं. लेकिन जब मूलांक व भाग्यांक दोनों ही सेम अंक के हो तो इसे एक दुर्लभ संयोग माना जाता है. आज हम मूलांक 3 और भाग्यांक 3 के बारे में बात कर रहे हैं. जब किसी व्यक्ति का मूलांक और भाग्यांक दोनों ही 3 हो, तो इसे एक बेहद ही शक्तिशाली और खूबसूरत संयोग माना जाता है. अंक 3 के स्वामी बृहस्पति यानी देवगुरु हैं, जो ज्ञान, विस्तार, बुद्धि और सौभाग्य के प्रतीक हैं. (Photo Credit- AI)





