इथियोपिया ज्वालामुखी फटने से क्या हुआ?
इथियोपिया में 12,000 साल बाद हायली गुब्बी ज्वालामुखी फटा राख का बादल 14 किमी ऊपर उठा यमन से उत्तरी भारत तक फैल गया. हवाई उड़ानें प्रभावित हुईं ये शांत ज्वालामुखियों का खतरा दिखाता है.
By Md. Raja Alam | Updated: November 27, 2025 9:51 PM IST
इथियोपिया में 12,000 साल बाद हायली गुब्बी ज्वालामुखी फटा राख का बादल 14 किमी ऊपर उठा यमन से उत्तरी भारत तक फैल गया. हवाई उड़ानें प्रभावित हुईं ये शांत ज्वालामुखियों का खतरा दिखाता है.
हर 7-10 साल में एक अनरिकॉर्डेड ज्वालामुखी फटता है दुनिया के 75% बड़े विस्फोट ऐसे ही हुए. इनकी निगरानी नहीं होती इसलिए तबाही पक्की. जो शांत दिखता है वो सबसे खतरनाक होता है.
1982 में मैक्सिको का एल चिचोन सदियों शांत रहने के बाद फटा जंगल राख से ढक गए नदियां रुक गईं गांव तबाह हो गए. 2,000 मौतें 20,000 बेघर सल्फर ने ठंडा किया और इथियोपिया अकाल में 10 लाख मरे.
1883 में इंडोनेशिया का क्राकाटोआ फटा आवाज सैकड़ों किमी दूर सुनाई दी राख गैसों से धुंध छाई. टेंपरेचर 1.2 डिग्री गिर गया कई महीने ठंडक बनी रही. ये छिपे ज्वालामुखी का उदाहरण है.
विस्फोट से राख सल्फेट ऊपर जाकर अंब्रेला बनाते हैं सूरज की रोशनी रोक देते हैं ग्लोबल कूलिंग होती है. सल्फेट एयरोसोल सालों ठंडक बनाए रखते हैं गर्मी नहीं ठंड लाते हैं.
नॉर्मलसी बायस से शांत ज्वालामुखी सुरक्षित लगते हैं अवेलेबिलिटी ह्यूरिस्टिक से चर्चित वाले ही याद रहते हैं. रिस्पॉन्स बायस से विस्फोट के बाद ही जागते हैं. इसलिए 75% विस्फोट अननोन से होते हैं.
इंडोनेशिया फिलीपींस वेनुआतु में 160 ज्वालामुखी निगरानी कम लैटिन अमेरिका में 85+ सीमित अफ्रीका में 50+ बहुत कम. यूरोप यूएस में 30-40 लगभग सभी निगरानी में खतरा ज्यादा जहां तैयारी कम.
वैज्ञानिक वैश्विक संगठन बना रहे हैं मॉनिटरिंग बढ़ा रहे हैं स्थानीय ट्रेनिंग दे रहे हैं. चेतावनी से हजारों जानें बच सकती हैं जैसे 1991 पिनातुबो और 2021 सेंट विन्सेंट में हुआ. शुरुआती तैयारी जरूरी है.