क्वेश्चन बैंक से होती है सवालों की शुरुआत
NTA के एग्जाम का पहला और सबसे बड़ा चरण क्वेश्चन बैंक तैयार करना है. अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों से बड़ी संख्या में सवाल तैयार करवाए जाते हैं. इन विशेषज्ञों को आमतौर पर यह जानकारी नहीं होती कि उनके बनाए प्रश्न वास्तव में किस परीक्षा में इस्तेमाल होंगे. यही व्यवस्था गोपनीयता बनाए रखने में मदद करती है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रश्न बैंक में परीक्षा के लिए जरूरी सवालों की संख्या से कम से कम पांच गुना प्रश्न रखे जाते हैं. इसका फायदा यह होता है कि अंतिम पेपर तैयार करते समय एजेंसी के पास पर्याप्त विकल्प मौजूद रहते हैं. इसके बाद इन सवालों को सीधे परीक्षा में नहीं भेजा जाता, बल्कि उनकी अलग टीम द्वारा जांच की जाती है. यानी प्रश्नपत्र बनने से काफी पहले ही एक बड़ा सवालों का पूल तैयार हो चुका होता है.