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माउंट एवरेस्ट इसके सामने है चींटी बराबर! ये है सौरमंडल का सबसे विशाल ज्वालामुखी, इस ग्रह पर हैं मौजूद

Largest volcano in solar system: हमारी धरती का सबसे बड़े ज्वालामुखी का नाम मौना लोआ है, लेकिन आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि हमारे सौरमंडल में मौना लोआ से कई गुना ज्यादा ज्वालामुखी हैं.

By Anil | Updated: November 27, 2025 4:03 PM IST

धरती का सबसे बड़ा ज्वालामुखी

हमारी धरती पर बड़ा ज्वालामुखी मौना लोआ (Mauna Loa) है, जो प्रशांत महासागर में हवाई आईलैंड पर मौजूद हैं. लेकिन क्या आपको पता हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी कौन सा हैं? आइए जानते है.

सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी?

सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी ओलंपस मोन्स है जो एक बड़ा पहाड़ है और मंगल ग्रह पर मौजूद है. यह एक बहुत बड़ा ढाल ज्वालामुखी है, जिसका मतलब इसमें से लावा धीरे-धीरे बह रहा है.

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मौना लोआ से भी बड़ा ज्वालामुखी

इसके मुकाबले हवाई का मौना लोआ, जो पृथ्वी का सबसे ऊंचा माना जाता है, समुद्र तल से 10 किलोमीटर ऊपर उठाता है, लेकिन मौना लोआ के मुंह का आकार ओलंपस मोन्स की तुलना लगभग 100 गुना बड़ा है.

कैसे इतना बड़ा ये ज्वालामुखी

मंगल ग्रह पर कम ग्रेविटी और कम स्पीड से चलने वाली टेक्टोनिक प्लेटों की वजह से ओलंपस मोन्स आज के समय में काफी बड़ा हो गया है. लेकिन यह लाखों सालोंसे शांत है, वैज्ञानिक का कहना है कि यह कभी भी एक्टिव हो सकता हैं.

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सौरमंडल का नया ज्वालामुखी

ओलंपस मोन्स अभी भी एक काफी यंग ज्वालामुखी है. क्योंकि इसका विकास अरबों सालों में हुआ हैं, लेकिन इसके कुछ भाग केवल कुछ मिलियन साल पुराने हैं, जो सौरमंडल की उम्र के अनुसार से बहुत नए हैं.

ज्वालामुखी कब फटा था?

मंगल ग्रह के अन्य भागों के मुकाबले में, ओलंपस मोन्स के भू-भाग पर ज्यादा क्रेटर नहीं हैं. यानि इसका ऊपर वाला लावा काफी नया बना है और माना जाता है कि यह आखिरी बार लगभग 2.5 करोड़ साल पहले फटा था.