Pakistan Planing To Open Embassy In Armenia How It Effect India
भारत को उसके ही दोस्त से घेरने की तैयारी में PAK! जानिए क्या साजिश रच रहा दुश्मन
अगर पाकिस्तानी दूतावास खुल जाता है, तो ये देश धीरे-धीरे पाकिस्तान–तुर्किए गुट के करीब जा सकता है. जबकि वह कश्मीर मुद्दे पर अब तक भारत का खुलकर समर्थन करता आया है. आइए खबर में जानते हैं पाकिस्तान का प्लान क्या है?
पाकिस्तान ने हाल ही में आर्मेनिया के साथ राजनयिक संबंध बढ़ाए हैं. अब वह राजधानी येरेवन में अपना दूतावास खोलने पर सरकार से बातचीत कर रहा है, जो दक्षिण एशिया की कूटनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
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भारत के लिए ये चिंता की बात है
अगर पाकिस्तानी दूतावास खुल जाता है, तो आर्मेनिया पाकिस्तान और तुर्किए गुट में शामिल हो सकता है. जबकि वह कश्मीर मुद्दे पर अब तक भारत का खुलकर समर्थन करता आया है, इसलिए भारत बहुत सतर्कता के साथ इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा है.
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आर्मेनियाई विदेश मंत्रालय ने बताया क्या लक्ष्य है?
आर्मेनियाई विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने एक संयुक्त दस्तावेज पर हस्ताक्षर करके राजनयिक संबंधों की औपचारिक शुरुआत की है. जिसमें प्रतिनिधियों के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाने का वादा शामिल है, ताकि रिश्तों को सक्रिय किया जा सके.
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कश्मीर मुद्दे पर आर्मेनिया भारत का समर्थक
आर्मेनिया दशकों से कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख का खुला समर्थन करता रहा है. भारत भी उसके साथ रक्षा व्यापार बढ़ाकर इस भरोसे को मजबूत करता आया है. खासतौर पर 2020 के बाद जब दोनों देशों के बीच मिलिट्री सहयोग तेजी से बढ़ा.
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विशेषज्ञों ने बताया आगे क्या होने वाला है?
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्मेनिया के पाकिस्तान के करीब जाने की स्थिति में भारत को भी ईरान और आर्मेनिया के साथ मिलकर इंटरनेशनल नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) को नए विकल्प की तरह मजबूत करना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय बैलेंस भारत के पक्ष में बना रहे.
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कॉरिडोर बनने से क्या होगा?
अजरबैजान का प्रस्तावित जंगेजुर कॉरिडोर, जो तुर्किए को यूरेशिया से भी जोड़ सकता है. अमेरिका के लिए फायदेमंद और ईरान–रूस के लिए चिंताजनक माना जा रहा है. इस कॉरिडोर की वजह से भारत–आर्मेनिया–ईरान त्रिकोणीय सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.
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जब दोनों के बीच मिलिट्री सहयोग बढ़ा
आर्मेनिया ने 2022 में भारत से लगभग 720 मिलियन डॉलर में 15 Akash-1S मिसाइल सिस्टम खरीदे. इसके अलावा, Pinaka रॉकेट सिस्टम की सप्लाई ने भी दोनों देशों के बीच सुरक्षा साझेदारी को एक नई ऊंचाई दी है.
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भारत–आर्मेनिया के बीच रिश्ते कैसे हैं?
दोनों देशों के बीच संबंध सदियों पुराने हैं - मुगल काल में आर्मेनियाई व्यापारी भारत आए, उन्होंने कोलकाता और चेन्नई में चर्च भी बनाए. आधुनिक राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए और आज यह साझेदारी व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट और संस्कृति सभी क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रही है. (Photos: AI, freepik)
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