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क्या बंद होने वाले हैं कागज के नोट? RBI गवर्नर ने प्लास्टिक की करेंसी पर दिया बड़ा अपडेट, जानिए कब से चलन में आएंगे

Plastic Notes In India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्लास्टिक के नोट छापने की योजना बनाई है. ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं थे ये नोट चलन में कब तक आएंगे. इसका जवाब RBI गवर्नर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया है.

By Rishabh Kumar | Updated: August 5, 2026 4:57 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) छापेगी नई करेंसी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में दुनिया भर की कंपनियों के लिए पॉलीमर शीट के लिए टेंडर जारी किया था. इन शीटों का इस्तेमाल नए नोट छापने के लिए किया जाएगा. कुछ दिन पहले ही सरकार ने साफ किया था, सबसे पहले 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक के नोट छापे जाएंगे. अब इसको लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा बड़ा अपडेट दिया है और बाजार में ये नए नोट कब आएंगे आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.. (Image: AI)

कब से चलन में आएंगे ये नोट?

RBI गवर्नर ने बताया कि भारत के पहले प्लास्टिक या पॉलीमर नोट अगले साल फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में चलन में लाए जा सकते हैं. मॉनेटरी पॉलिसी के लोकर किए जा रहे हैं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक की प्लास्टिक के नोटों की योजना अभी प्रोजेक्ट पायलट स्टेज पर है. सरकार की योजना के अनुसार, RBI फील्ड ट्रायल के लिए पहले 10 रुपये और 20 रुपये के 1-1 बिलियन पॉलीमर बैंकनोट छापेगा. (Image: Canva)

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क्या बंद हो जाएंगे कागज के नोट?

RBI गवर्नर ने साफ किया है कि अभी पेपर करेंसी को पूरी तरह से बदलने का कोई प्रपोजल नहीं है और पॉलीमर और पेपर नोट दोनों लीगल टेंडर के तौर पर सर्कुलेट होते रहेंगे. संजय मल्होत्रा ​​ने आगे कहा, "अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक हुआ, तो हमारा टारगेट है कि वे (पॉलिमर नोट) अगले फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में सर्कुलेशन में आ जाएं. (Image: Canva)

भारत में प्लास्टिक नोटों का चलन क्यों शुरू होगा?

मल्होत्रा ​​ने पॉलीमर नोट के छापने की दो वजहें बताई हैं. एक तो यह है कि इससे ड्यूरेबिलिटी बढ़ती है. यह खासकर कम कीमत वाले नोटों के लिए जरूरी है, जिनकी वेलोसिटी ज्यादा होती है, और इसलिए उनकी लाइफस्पैन कम होती है. ये नोट अलग-अलग देशों में 30 साल से ज्यादा समय से सर्कुलेशन में हैं, और पाया गया है कि इनकी लाइफ बहुत ज़्यादा है . पेपर सबस्ट्रेट की लाइफ से दो से चार गुना ज्यादा. मल्होत्रा ​​ने बताया, इस पायलट प्रोजेक्ट का दूसरा मकसद यह है कि जैसे-जैसे इकॉनमी की जरूरतें बढ़ेंगी, यह हमारी कैपेसिटी को बढ़ाएगा. इन्हीं मकसदों से हम इसे लाए हैं. इस प्रोजेक्ट को पायलट प्रोजेक्ट बताते हुए, RBI गवर्नर ने कहा, हम टेस्ट करेंगे, चेक करेंगे कि वे भारतीय हालात, क्लाइमेट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर में कैसा परफॉर्म करते हैं. (Image: Canva)

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RBI क्यों ला रहा है प्लास्टिक नोट?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट लाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए RBI की करेंसी छापने वाली कंपनी BRBNMPL ने दुनियाभर की कंपनियों से टेंडर मांगे हैं. इन कंपनियों को ऐसे पॉलीमर शीट देने होंगे जिनमें एडवांस सिक्योरिटी फीचर हों. पिछले 10 साल में भारत से करीब 50 ट्रिलियन रुपये के गंदे और खराब नोट हटाए जा चुके हैं. वहीं, नोटों की सुरक्षा पर हर साल करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसलिए अब लंबे समय तक चलने वाले और ज्यादा सुरक्षित नोटों पर जोर दिया जा रहा है. (Image: Canva)

सप्लायर के लिए होंगे सख्त नियम

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक FY17 से अब तक हर 100 नए नोट जारी होने पर 71 पुराने और गंदे नोट वापस लिए गए हैं. इसी बीच नकली नोटों के मामले भी बढ़े हैं. इसलिए पॉलीमर नोट बनाने वाली कंपनी के लिए कई सख्त नियम तय किए गए हैं. सप्लायर को भारत सरकार से सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेना होगा. साथ ही उसका चीन और पाकिस्तान से कोई जुड़ाव नहीं होना चाहिए. इसके अलावा उसे पहले किसी सेंट्रल बैंक को पॉलीमर नोट की सामग्री सप्लाई करने का अनुभव भी दिखाना होगा. (Image: Canva)

प्लास्टिक नोटों से क्या होगा फायदा?

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि इंटरनेशनल स्टडी के अनुसार पॉलीमर नोट कागज के नोटों से काफी ज्यादा समय तक चलते हैं. इनमें मजबूत सिक्योरिटी फीचर होते हैं, जिससे नकली नोट बनाना मुश्किल हो जाता है. इन नोटों की लाइफ लंबी होने से बार-बार नए नोट छापने की जरूरत भी कम पड़ती है और पर्यावरण पर असर भी घटता है. रिपोर्ट के मुताबिक पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में करीब 2.5 गुना ज्यादा चलते हैं. ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में भी प्लास्टिक नोट आने के बाद उनकी उम्र बढ़ी है और नकली नोटों के मामलों में कमी देखने को मिली है. (Image: Canva)