Republic Day 2026 Parade Animal Contingent Of Indian Army Veterinary Corps Will Be Marches Past The Saluting Dais 8261307
इन योद्धाओं के बिना अधूरी है भारतीय सेना, पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में दिखेंगे, कर्तव्य पथ पर मार्च करेगी खास टुकड़ी
Army's animal contingent: साल 2026 के गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारतीय सेना के वेटरनरी कॉर्प्स का दस्ता भी दिखेगा. बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर खच्चर, शिकारी बाज और आर्मी डॉग्स का दस्ता सलामी मंच के सामने से गुजरेगा.
साल 2026 के गणतंत्र दिवस परेड में लोगों को एक खास नजारा देखने को मिलेगा. इस साल पहली बार भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) के जानवरों का एक खास दस्ता परेड में हिस्सा लेगा.
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कौन से जानवर होंगे शामिल
भारतीय सेना ने बताया है कि परेड में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर खच्चर, चार शिकारी पक्षी, दस भारतीय नस्ल के आर्मी कुत्ते और पहले से सेवा में मौजूद छह पारंपरिक मिलिट्री कुत्ते शामिल होंगे.
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देश की सुरक्षा में मौन योद्धाओं की भूमिका
जानवरों का यह दस्ता गणतंत्र दिवस 2026 पर सलामी मंच के सामने से गुजरेगा. इस खास पहल का उद्देश्य ये दर्शाना है कि भारत की रक्षा शक्ति सिर्फ मशीनों और सैनिकों पर निर्भर नहीं है. देश की सुरक्षा में मौन योद्धाओं की भी अहम भूमिका है.
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बैक्ट्रियन ऊंट करेंगे अगुवाई
परेड में सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स दस्ते की अगुवाई बैक्ट्रियन ऊंट करेंगे. इन्हें हाल ही में लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानों में ऑपरेशन के लिए शामिल किया गया है. ये खास मंगोलियन ऊंट 5,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर बेहद ठंड और कठिन परिस्थितियों भी आसानी से काम कर लेते हैं. ये ऊंट 250 किलोग्राम तक का बोझ उठा सकते हैं.
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खास जांस्कर खच्चर होंगे शामिल
बैक्ट्रियन ऊंटों के साथ परेड में जांस्कर खच्चर भी मार्च करेंगे. ये लद्दाख की एक दुर्लभ और देसी पहाड़ी नस्ल है. पने छोटे कद के बावजूद ये खच्चर 15,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर और माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में लंबी दूरी तक 40 से 60 किलोग्राम वजन ले ले जा सकते हैं. इन्हें 2020 में शामिल किया गया था और ये सियाचिन ग्लेशियर जैसे मुश्किल इलाके में भी सेवा दे रहे हैं.
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परेड में दिखेंगे शिकारी पक्षी
चार शिकारी पक्षी भी कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में दिखाई देंगे. सेना शिकारी पक्षियों का इनोवेटिव इस्तेमाल सीमा के करीब वाले इलाकों में कर रही है. इनकी प्राकृतिक क्षमताओं का इस्तेमाल सुरक्षा और निगरानी के लिए किया जा रहा है.
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मुख्य आकर्षण होंगे आर्मी डॉग्स
परेड का एक मुख्य आकर्षण आर्मी डॉग्स भी होंगे. इन्हें भारतीय सेना का साइलेंट वॉरियर्स कहा जाता है. इन कुत्तों को मेरठ में RVC सेंटर और कॉलेज में रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है. ये कुत्ते आतंकवाद विरोधी अभियानों के अलावा पहरेदारी और आपदा के समय खोज और बचाव अभियानों में भी हिस्सा लेते हैं.
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सैनिकों की मदद करते हैं मौन योद्धा
ये सभी जानवर जोखिम वाले इलाकों में सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं. अभियानों में सैनिकों की मदद करते हैं और कई तरह के पुरस्कार और प्रशंसा पत्र भी जीत चुके हैं. ये जानवर सेना के चार पैरों वाले योद्धा हैं जो सभी परिस्थितियों में देश की रक्षा करने के लिए इंसानों के साथ खड़े रहते हैं.
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