Sagar Fort 400 Year History Madhya Pradesh Only Opens Two Days In Year 8311396
झील किनारे खड़ा 400 साल पुराना गवाह! कैसे एक किले ने बसाया पूरा सागर शहर, जो साल में केवल 2 दिन खुलता है
मध्य प्रदेश का सागर शहर एक 400 साल पुराने किले के आसपास बसा है. 1660 में बने इस किले ने शहर की नींव रखी. आज ये किला साल में सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी को आम लोगों के लिए खोला जाता है.
Sagar Fort हरी-भरी पहाड़ी और शांत झील के पास बनाया गया था. उस समय पानी प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता था, जिससे दुश्मनों के लिए सीधा हमला करना मुश्किल हो जाता था.
People are also watching
2/8
1660 में रखी गई नींव
इस किले का निर्माण 1660 में गढ़पहरा के दांगी शासक उदान शाह ने करवाया था. व्यापारिक मार्गों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसे मजबूत दीवारों और परकोटे के साथ तैयार किया गया था.
3/8
परकोटा से बना शहर
किले के बाहर बसाई गई 'परकोटा' बस्ती धीरे-धीरे बढ़ती गई और आज वही इलाका शहर के बीचों-बीच है. इसी बस्ती ने सागर शहर की असली शुरुआत की.
4/8
सत्ता परिवर्तन की कहानी
1733 में बुंदेला शासकों ने किले को मराठाओं को सौंप दिया. बाद में मराठा सूबेदार गोविंद पंथ खैर ने नए सागर शहर को व्यवस्थित रूप दिया और विकास की नींव रखी.
5/8
अंग्रेजों का कब्जा
1818 में ब्रिटिश सेना ने इस किले पर अधिकार कर लिया। 1906 में यहां पुलिस प्रशिक्षण की शुरुआत हुई, जिससे ये प्रशासनिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण केंद्र बन गया.
6/8
नेहरू से जुड़ी पहचान
7/8
1857 से पहले का विद्रोह
1857 की क्रांति से पहले यहां बुंदेला विद्रोह हुआ था. क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को लंबे समय तक बंधक बनाए रखा. ये किला आज भी उस संघर्ष की कहानी सुनाता है.
8/8
साल में सिर्फ दो दिन खुलता है
आज ये किला गृह विभाग के अधीन है और आम जनता के लिए केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलता है. इसकी बनावट आज भी सदियों पुरानी पहचान संभाले हुए है.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.