Shamli Encounter Rules Of Police Encounter Protocol In India Can Police Shoot At Any Person 8210323
क्या पुलिस किसी को भी गोली मार सकती है? जानें एनकाउंटर का पूरा प्रोटोकॉल
Police Encounter Protocol: शामली जिले में पुलिस ने नामी अपराधी मिथुन बावरिया को एनकाउंटर में मार गिराया हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि एनकाउंटर में प्रोटोकॉल? और क्या पुलिस किसी पर भी गोली चला सकती है?
हाल ही में उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस एनकाउंटर में मिथुन बावरिया नाम का कुख्यात बदमाश मारा गया है. जिसको पकड़ने के लिए पुलिस 75 हजार रुपये का ऐलान किया था. लेकिन क्या जानते है पुलिस एनकाउंटर का प्रोटोकॉल क्या होता है?
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दो तरह के होते हैं एनकाउंटर
भारत में पुलिस दो तरीक से किसी अपराधी का एनकाउंटर करती है. पहला, जब कोई अपराधी पुलिस या सिक्योरिटी फोर्स की कस्टडी से भागने की कोशिश करता है, पुलिस तब उसे पकड़ने के लिए एनकाउंटर होता है.
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दूसरा तरीका
इसके अलावा दूसरी तरीका यह है कि जब पुलिस किसी अपराधी को अरेस्ट या हिरासत में लेने जाती है और वह भागने या पुलिस पर अटैक करने लगता है, तब पुलिस भी अपने बचाव करने के लिए एनकाउंटर करती है.
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भारत के संविधान में एनकाउंटर का जिक्र
भारत के संविधान में एनकाउंटर का कहीं उल्लेख नहीं मिलता है. लेकिन पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स इस शब्द का यूज करते हैं. जब किसी अपराधी या फिर आतंकवादियों से उनका किसी मुश्किल वक्त में सामना होता हैं.
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पुलित देती है अपराधी को चेतवानी
अगर पुलिस की या सिक्योरिटी फोर्स गिरफ्त से कोई आरोपी भागने का प्रसास करता है, तो पहले पुलिस उसे सावधान या चेतवानी देती है. लेकिन अपराधी इसे नजरअंदाज करता है. तो पुलिस फायर करती हैं.
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पुलिस पैर फिर शरीर पर गोली मारती है
पुलिस सबसे पहले अपराधी के पैर गोली चलाती है, जिससे वह ज्यादा तेज न भाग सके. लेकिन अगर हालात कंट्रोल से बाहर जाते है, तो फिर पुलिस अपराधी के शरीर के कोई भी भाग को टारगेट कर सकती है और इस तरह के एनकाउंटर में अपराधी मारा जाता हैं.
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