इंसान पर टूट रहा प्रकृति का कहर
प्रकृति का कहर अब एक अपवाद नहीं बल्कि साल-दर-साल बढ़ता संकट बन गया है. इंटरनल डिस्प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेंटर (IDMC) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2015 से 2024 तक दुनिया भर में 26.48 करोड़ लोग बाढ़, तूफान, भूकंप और जंगल की आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए.


