
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
Should you sleep with your hair tied or loose: आजकल कुछ समस्याओं से हर कोई परेशान है, जिनमें से एक है बालों का गिरना. छोटा हो या बड़ा हर किसी के बाल टूट रहे हैं. आप किसी के भी घर जाएंगे तो आपको बाथरूम में बालों के गुच्छे पड़े मिलेंगे. इतना ही अब तो बालों को कंघा करने से भी डर लगता है कि कंघी करते ही 100-200 बाल साथ में आ जाएंगे. हालांकि कहीं न कहीं इसके हम भी जिम्मेदार होते हैं. जैसे रात को बंधे बालों में ही सो जाना.
हालांकि अक्सर हमारे दिमाग में ये सवाल आता है कि बालों को बांधकर सोना चाहिए या खोलकर? वैसे तो हम इसे आम समझकर जाने देते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका भी हमारी बालों की सेहत पर खास असर पड़ता है. ये रोज की छोटी-छोटी आदतें अगर बार-बार दोहराई जाएं तो बालों का झड़ना, टूटना और यहां तक कि गंजापन तक हो सकता है?
अब सवाल उठता है कि बाल बांधकर सोना सही है या खोलकर?
हेल्थ एक्पर्ट्स की मानें तो दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं. नींद के दौरान बाल और स्कैल्प भी रिकवर करते हैं, इसलिए सोने का तरीका, तकिए का कपड़ा और बालों की पोजीशन बहुत मायने रखती है.
बाल खोलकर सोने के फायदे-
बालों को खोलकर सोने के नुकसान:
जिस तरह बालों को खोलकर सोने से कई फायदे मिलते हैं वैसे ही इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. जब हम बाल खोलकर सोते हैं तो बाल तकिए से रगड़ खाते हैं, जिसके चलते बाल टूटते हैं, फ्रिज़ी हो जाते हैं और दोमुंहे बाल बढ़ने लगते हैं. सुबह ये काफी उलझ जाते हैं.
बाल बांधकर सोने के फायदे-
हालांकि इस बात पर ध्यान जरूर दें कि बालों को टाइट न बांधें. अगर आप रोजाना टाइट पोनीटेल, जूड़ा या रबर बैंड से बालों को बांधकर सोती हैं तो कुछ परेशानियां आपको हो सकती हैं-
हेयर फॉल: जब हम बालों को कसकर बांधते हैं तो बालों पर खिंचाव पड़ता है जिससे जड़े कमजोर हो जाती हैं. इसे ट्रैक्शन एलोपेसिया कहते हैं, जिसमें माथे, कानों के पास और हेयरलाइन से बाल पतले होने लगते हैं, अगर लंबे समय तक इसे इग्नोर किया गया तो आप गंजेपन तका शिकार हो सकते हैं.
टूटना और दोमुंहे बाल: जब आप बालों को बांधकर सोते हैं तो करवट बदलते समय रबर या क्लिप से रगड़ लगती है, जिससे बाल बीच से टूटते हैं और स्प्लिट एंड्स बढ़ते हैं.
सिरदर्द और स्कैल्प में दर्द: टाइट स्टाइल से सुबह उठते ही सिर भारी और दर्द रहता है
ब्लड सर्कुलेशन होता है प्रभावित: जू बाल बंधे होते हैं तो खिंचाव की वजह से स्कैल्प तक पोषण ठीक से नहीं पहुंचता है, हेयर ग्रोथ रुक सकती है.
डैंड्रफ और खुजली: गीले या नम बाल बांधकर सोने से नमी फंसती है, फंगल इंफेक्शन और डैंड्रफ की समस्या बढ़ती है.
क्या है सही तरीका?
अब सवाल उठता है कि आखिर बालों की हेल्थ के लिए क्या सही है बालों को खोलकर सोना या बांधकर? एक्सपर्ट्स की मानें तो बालों को बांधना या न बांधना व्यक्ति पर निर्भर करता है, लेकिन हां बस इस बात का ध्यान रखें कि ये तरीका हमेशा सही होना चाहिए जैसे-
बालों को ढीला बांधें: इस बात का ध्यान रखें कि सोते वक्त हाई पोनीटेल या टाइट जूड़ा बिल्कुल न बनाएं
सबसे सही ऑप्शन: ढीली चोटी या ढीला बन बनाना सबसे सही है, इससे उलझन कम होती है और खिंचाव भी नहीं होता है.
सॉफ्ट एक्सेसरीज का इस्तेमाल करें: रबर बैंड की जगह सिल्क स्क्रंची, क्लॉथ बैंड या सॉफ्ट हेयर टाई यूज करें.
ध्यान रखें कि गीले बाल कभी न बांधें, पहले पूरी तरह सूखने दें
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