रहस्यमयी मंत्र का उद्घोष
कलशस्य मुखे विष्णुः कण्ठे रुद्रः समाश्रितः। मूले तत्र स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणाः स्मृताः॥क्या आप जानते हैं? इस एक श्लोक की चार पंक्तियों में सृष्टि के सृजन, पालन और संहार का पूरा ब्लूप्रिंट छिपा है। यह केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा को साधने का एक गुप्त 'कोड' है.image credit-AI