पढ़ाई से लेकर पहचान तक का सफर
सोनम वांगचुक आज भारत के जाने-माने इनोवेटर, पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक के रूप में पहचाने जाते हैं. उन्हें लद्दाख में शिक्षा और पानी बचाने के क्षेत्र में किए गए कामों के लिए दुनिया भर में खूब सराहना मिली है. उनकी पहचान सिर्फ एक इंजीनियर की नहीं है. उनकी पढ़ाई, सोच और नए प्रयोगों ने उन्हें अलग मुकाम दिलाया है.सोनम वांगचुक का जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के अलची (उले टोकपो) गांव में हुआ था.