16 जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की नई दरें लागू कर दी हैं. नए फैसले के तहत डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला शुल्क बढ़ा दिया गया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कमी की गई है. सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और तैयार ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती है और उसी के आधार पर टैक्स में बदलाव करती है. इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है. सरकार का कहना है कि ये फैसला घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और वैश्विक हालात के अनुसार निर्यात नीति को संतुलित करने के मकसद से लिया गया है. नई दरें 16 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं और अब तेल कंपनियों को इन्हीं के अनुसार निर्यात करना होगा.





