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UP में महिलाओं के खाते में आएंगे 50-50 हजार रुपये, इलेक्शन से पहले मिलेगी पहली किस्त, जानें क्या है योगी सरकार का प्लान

योगी सरकार महिला वोटबैंक को साधने के लिए महिला सहायता, स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन पर योजना लाने की तैयारी में है. चुनाव से पहले महिला कल्याण विभाग के जरिए योजना प्रस्तावित की जाएगी.

By Anjali Karmakar | Updated: August 13, 2026 4:15 PM IST

यूपी में शुरू होगी कैश स्कीम

भारत की राजनीति में एक बात प्रचलित है. कहते हैं कि दिल्ली (लोकसभा) का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है. यूपी में 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं. उसके दो साल बाद 2029 में लोकसभा इलेक्शन हैं. इसलिए राजनीतिक पार्टियां यूपी के चुनाव में वोट बैंक को साधने की तैयारी में अभी से जुट गई हैं.विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर योगी सरकार की ओर से एक बड़ी योजना लाए जाने की चर्चा तेज हो गई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार करीब 50 लाख से ज्यादा महिलाओं को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है. हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

यूपी में लागू हो सकता है बिहार का दीदी मॉडल

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार और बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद BJP यूपी पर पूरा फोकस कर रही है. बिहार में चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए थे. बंगाल में भी ममता बनर्जी के लक्ष्मी भंडार स्कीम की तर्ज पर अन्नपूर्णा भंडार स्कीम लाया गया. रकम भी डबल (3000) रुपये कर दी गई थी. अब यूपी में ऐसी ही योजना शुरू की जाएगी.

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4 किस्तों में आएगा पैसा

यूपी में अगले साल फरवरी से अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, योजना का पैसा 4 किस्तों में मिलेगा. चुनाव से पहले पात्र महिलाओं के अकाउंट में पहली किस्त के तौर पर 20-20 हजार रुपये डाले जाएंगे. चुनाव के बाद अगर BJP की सरकार बनी तो अगले 3 किस्तों में 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे.

किनके लिए होगी योजना?

चूंकि, योजना अभी घोषित नहीं हुई है. इसलिए इसके बारे में ज्यादा डिटेल नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार प्रस्तावित योजना में SC, ST की महिलाओं के साथ गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाली महिलाओं को प्राथमिकता देगी. इसमें ऐसे परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकता है, जिनकी फैमिली इनकम 12 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है.

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कैसे मिलेंगे 50 हजार रुपये?

अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो सरकार लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजने के लिए DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का इस्तेमाल कर सकती है. योजना की आधिकारिक घोषणा के बाद ही आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, पात्रता और पेमेंट की पूरी जानकारी सामने आएगी.यूपी में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन चल रहा है.यूपी में इस समय 8,99,398 परिवारों की 98,76,389 महिलाएं समूहों से जुड़ी हैं.

UP बजट में भी महिला कल्याण पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी 2026 में करीब 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. यह मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट माना गया. बजट में सामाजिक कल्याण और अलग-अलग वर्गों के लिए नई योजनाओं पर जोर दिया गया. सरकार ने बजट में कई नई योजनाओं के लिए करीब 43,000 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया था. इसके अलावा बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता को 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा भी की गई थी.

चुनाव में मिल सकता है फायदा

इस तरह की योजना सबसे पहले मध्य प्रदेश, फिर महाराष्ट्र और बिहार विधानसभा चुनाव में लागू की गई थी. तीनों राज्यों के चुनावों में BJP को जबरदस्त फायदा हुआ. उत्तर प्रदेश में करीब 5.67 करोड़ महिला वोटर हैं. अगर 50 हजार रुपये की स्कीम लागू होती है, तो BJP को चुनाव में फायदा तो मिलेगा. साथ में सरकारी खजाने पर बोझ भी बढ़ना तय है.