Us Will Invest Balochistan Reko Diq Mine Pakistan Comes In Tension 8295989
कंगाल पाकिस्तान में और बढ़ेगी गरीबी! ये खजाना लुटने की तैयारी में अमेरिका, जानें क्या है प्लान
बलूचिस्तान की रेको डीक खदान में सोना-तांबा और रेयर अर्थ मिनरल्स का विशाल भंडार है. अमेरिका ने प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत, 1.3 बिलियन डॉलर निवेश का ऐलान किया.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अंदर सोना, तांबा, चांदी और कई रेयर अर्थ मिनरल्स का बहुत बड़ा भंडार छिपा हुआ है. इसलिए इसे खजानों की धरती के नाम से भी जाना जाता है.
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जमीन के नीचे छिपा है खजाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, रेको डीक क्षेत्र में करीब 5.9 बिलियन टन अयस्क छिपा है. जिसमें 0.41% तांबा और लगभग 41.5 मिलियन औंस सोना मौजूद है. यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड-कॉपर भंडारों में गिना जाता है.
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अमेरिका ने किया बड़ा निवेश का ऐलान
अमेरिका ने पाकिस्तान की रेको डीक खदान में 1.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग 117 अरब रुपये से ज्यादा का निवेश करने की घोषणा की है. जिससे साफ होता है कि अब उसकी नजर भी इस खजाने पर टिक चुकी है.
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प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत हो रहा है निवेश
यह निवेश अमेरिका के नए प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत किया जा रहा है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी 2026 को लॉन्च किया था. इसका मकसद क्रिटिकल मिनरल्स की ग्लोबल सप्लाई पर पकड़ मजबूत करना है.
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अमेरिका क्यों बना रहा है मिनरल रिजर्व?
प्रोजेक्ट वॉल्ट का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के लिए स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल्स रिजर्व तैयार करना है, ताकि भविष्य में डिफेंस, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक कार इंडस्ट्री के लिए जरूरी मिनरल्स की कमी न हो.
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जानें प्रोजेक्ट की असल वजह
रेयर अर्थ मिनरल्स के बाजार पर चीन का सबसे ज्यादा दबदबा है. इसलिए अमेरिका चाहता है कि वह चीन पर निर्भर न रहे. इसी वजह से वह पाकिस्तान के रेको डीक जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में पैसा झोंक रहा है.
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रेको डीक में पहले भी हुआ था बड़ा विवाद
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, रेको डीक ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ का अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश है. मतलब हुआ कि अमेरिका ने बाकी पैसा अपने देश में लगाया है, लेकिन विदेश में सिर्फ बलूचिस्तान को चुना है.
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PAK सरकार ने मना कर दिया था
2011 में पाकिस्तान सरकार ने चिली और कनाडा की कंपनी (टेथियन कॉपर) को माइनिंग अधिकार देने से मना कर दिया था. जिसके बाद मामला इंटरनेशनल कोर्ट तक पहुंचा और अब बैरिक गोल्ड कंपनी फिर से इस प्रोजेक्ट में शामिल है. (Photos: freepik, AI)
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