क्या है इसके पीछे की कहानी?
भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने की परंपरा एक कथा से जुड़ी हुई है. ऐसा कहा जाता है कि जब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर सात दिन तक उठाए रखा, तब उन्होंने भोजन नहीं किया. इसके बाद, भक्तों ने अपनी भक्ति को दिखाते हुए और भगवान कृष्ण के सम्मान में 56 तरह के व्यंजन तैयार किए थे. बता दें कि ये परंपरा तब से ही चली आ रही है.