दुनिया का नंबर-1 टेक सेवी देश
सेमीकंडक्टर्स, 5G टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में साउथ कोरिया ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है.
By Satyam Kumar | Updated: May 23, 2026 4:09 PM IST
सेमीकंडक्टर्स, 5G टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में साउथ कोरिया ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है.
दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी होने के साथ-साथ अमेरिका अपनी चिप डिजाइनिंग, सॉफ्टवेयर और धाकड़ AI पावर के दम पर दूसरे नंबर पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है.
एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के मामले में ताइवान का कोई तोड़ नहीं है, यही वजह है कि पूरी दुनिया के स्मार्टफोन और कंप्यूटर इसी देश की बदौलत चलते हैं.
डेनमार्क ने न केवल पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन टेक्नोलॉजी को बहुत तेजी से अपनाया है, बल्कि फार्मास्युटिकल सेक्टर में भी अपनी कूटनीतिक धाक जमाई है.
बेहतरीन लाइफस्टाइल के साथ-साथ स्विट्जरलैंड फार्मा और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (सटीक तकनीक) में दुनिया भर में अपना लोहा मनवा रहा है.
युद्ध और संघर्षों के बीच भी इजराइल ने अपने मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और अचूक साइबर सिक्योरिटी तकनीक के दम पर छठा स्थान हासिल किया है.
फिनलैंड ने नोकिया के दौर से लेकर आज के एडवांस 5G/6G टेलीकॉम नेटवर्क और मोबाइल गेमिंग इंडस्ट्री तक में अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है.
एडवांस्ड माइक्रोचिप्स बनाने वाली लिथोग्राफी मशीनें तैयार करने में नीदरलैंड की एएसएमएल (ASML) कंपनी के बिना दुनिया का टेक ढांचा खड़ा भी नहीं हो सकता.
स्पॉटिफाई जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म देने वाले स्वीडन ने शानदार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी में गजब की तरक्की की है.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को दुनिया में सबसे तेजी से अपनाने वाला नॉर्वे आज क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी का ग्लोबल रोल मॉडल बन चुका है.