Why 3 To 8 Year Kids Wet The Bed At Night Here Is Bedwetting Home Remedies Bed Par Pesab Kyo Karte Hai Bachche Bed Par Pesab Karne Ka Ilaj 8206389
रात को बिस्तर पर पेशाब करते हैं बच्चे? मिल गया सबसे आसान रामबाण इलाज
Kids Bedwetting Solutions: दिमाग में कभी ना कभी सवाल आया होगा कि बच्चे रात में आखिर पेशाब क्यों करते हैं. आज इसकी वजह के साथ इस बीमारी का इलाज भी जान लीजिए.
आमतौर पर 2 से 4 साल के बच्चों में बिस्तर पर यूरिन करने की परेशानी देखी जाती है. कुछ बच्चे समय के साथ इस पर कंट्रोल पा लेते हैं, लेकिन कुछ बच्चों में 5-7 साल की उम्र के बाद भी बिस्तर पर यूरिन करने की समस्या देखी गई है.
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क्यों होती है ये समस्या
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों में इस समस्या को तन के अलावा मन से भी जोड़कर देखा गया है. तो चलिए इसके पीछे के कारण और कैसे इस समस्या को कम किया जा सकता है, इस बारे में जानते हैं.
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क्या कहता है आयुर्वेद
आयुर्वेद में इस समस्या को शय्यामूत्र कहा गया है. यह केवल आदत नहीं, बल्कि शरीर व मन दोनों से जुड़ा विषय माना जाता है. आयुर्वेद कहता है कि बच्चों में बिस्तर पर यूरिन करने की समस्या वात दोष और कफ दोष का असंतुलन है.
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दिमाग नहीं दे पाता संकेत
इससे नसें कमजोर होती हैं और किसी भी चीज का भार नहीं झेल पाती हैं. वात दोष और कफ दोष की वृद्धि से गहरी नींद आती है, जिसकी वजह से मस्तिष्क इसका संकेत ही नहीं दे पाता और बच्चे बिस्तर गंदा कर देते हैं.
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क्या है वैज्ञानिक दृष्टिकोण
साथ ही कभी-कभी पाचन कमजोर होने से वात धातु असंतुलित होकर मूत्र नियंत्रण कमजोर कर देती है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण में इसे ब्लेडर की कमजोरी, मूत्राशय का सही तरीके से विकसित न होना, गहरी नींद में संकेत न मिल पाना, रात के समय यूरिन ज्यादा बनना, कब्ज, यूटीआई और हॉर्मोन के असंतुलन से जोड़कर देखा गया है.
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आयुर्वेद ने बताया हल
आयुर्वेद में इस समस्या को कम करने के कुछ तरीके बताए गए हैं. पहला है अजवाइन, काले तिल और गुड़ को मिलाकर जमा लीजिए और दूध के साथ बच्चे को सेवन कराएं। इसके सेवन से नसें मजबूत होती हैं.
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आंवला और शहद
दूसरा आंवला और शहद का मिश्रण भी लाभकारी है. दिन में दो बार बच्चे को आंवला और शहद का मिश्रण खिलाएं. ध्यान रखने वाली बात ये है कि इस समय बच्चों को बिल्कुल भी डांटे नहीं और दूसरों के सामने शर्मिंदा न करें.
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क्या करना है जरूरी
ये समस्या सिर्फ मन की नहीं बल्कि तन की भी है. बच्चों में आदत डालें कि वे रात को सोने से पहले वॉशरूम जरूर जाएं. इसके अलावा बच्चों को प्यार से समझाएं कि वे अपने शरीर के संकेतों को समझें. कई बार बच्चे खेल में या नींद में होने की वजह से भी संकेतों को अनदेखा करते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है. (आईएएनएस हिंदी)
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