जर्मनी और भारत की Mercedes में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
दिखने में जर्मनी और भारत में बिकने वाली Mercedes-Benz लगभग एक जैसी लग सकती है, लेकिन दोनों के निर्माण का तरीका अलग होता है. जर्मनी में कार पूरी तरह तैयार (Completely Built Unit) होकर फैक्ट्री से निकलती है. वहीं भारत में कई मॉडल विदेश से पार्ट्स के रूप में लाए जाते हैं और पुणे के चाकण प्लांट में असेंबल किए जाते हैं. इसे CKD यानी Completely Knocked Down प्रक्रिया कहा जाता है. इससे कंपनी को पूरी कार आयात करने की तुलना में कम आयात शुल्क देना पड़ता है. हालांकि इंजीनियरिंग, सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों में कोई समझौता नहीं किया जाता. दोनों कारें Mercedes-Benz के वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही तैयार होती हैं.