बर्फबारी का मजा
जनवरी भारत में बर्फ देखने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है. ये पीक सर्दियों का समय होता है, जब ऊंचे हिमालयी इलाकों में भारी बर्फबारी होती है. पहाड़, घाटियां और घास के मैदान सफेद चादर में ढक जाते हैं.
By Rishabh Kumar | Updated: January 1, 2026 3:21 PM IST
जनवरी भारत में बर्फ देखने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है. ये पीक सर्दियों का समय होता है, जब ऊंचे हिमालयी इलाकों में भारी बर्फबारी होती है. पहाड़, घाटियां और घास के मैदान सफेद चादर में ढक जाते हैं.
हालांकि मौसम हमेशा एक जैसा नहीं रहता, इसलिए कहीं भी बर्फ की सौ प्रतिशत गारंटी नहीं होती. फिर भी ऊंचाई और ठंडी जलवायु के कारण कुछ जगहों पर जनवरी में बर्फ पड़ने की संभावना काफी ज्यादा रहती है.
गुलमर्ग को भारत की विंटर वंडरलैंड कहा जाता है. जनवरी में यहां जमकर बर्फबारी होती है. 2650 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह स्थान स्कीइंग और दुनिया की ऊंची केबल कार गुलमर्ग गोंडोला के लिए जाना जाता है.
औली को भारत की स्कीइंग कैपिटल कहा जाता है. जनवरी में यहां भारी बर्फ गिरती है. 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह हिल स्टेशन प्राकृतिक स्की स्लोप और शानदार पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है.
जनवरी में सोनमर्ग और पहलगाम बर्फ से ढककर बेहद खूबसूरत हो जाते हैं. ऊंचाई पर बसे ये इलाके शांत माहौल, सफेद घाटियों और देवदार के जंगलों के लिए जाने जाते हैं.यहां भीड़ कम होती है.
सिक्किम की लाचुंग और युमथांग घाटी जनवरी में बर्फीली जन्नत बन जाती हैं. 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित ये जगहें सर्दियों में पूरी तरह बर्फ से ढकी रहती हैं, हालांकि यहां पहुंचना थोड़ा मुश्किल होता है.
शिमला के पास स्थित कुफरी जनवरी में लगभग तय बर्फबारी के लिए मशहूर है. यहां स्लेजिंग, स्नोबॉल फाइट और बच्चों के साथ बर्फ में मस्ती का भरपूर मौका मिलता है, इसलिए यह पर्यटकों की पसंदीदा जगह है.