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दुनिया का सबसे खतरनाक एयरपोर्ट: हवा में झुककर प्लेन इमारतों के इतने करीब से गुजरता कि सबकी सांसें अटक जाती!

World Most Dangerous Airport: दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट की चर्चा हमेशा रोमांच और डर से भरी होती है. यहां लैंडिंग के दौरान प्लेन जिस तरह इमारतों के बिल्कुल पास से गुजरता, उसे देखकर लोगों की सांसें रुक सी जाती थीं.

By Md. Raja Alam | Updated: November 19, 2025 6:43 PM IST

सबसे खतरनाक एयरपोर्ट

हॉन्गकॉन्ग का Kai Tak Airport 1925 से 1998 तक चला और इसे दुनिया का सबसे खतरनाक एयरपोर्ट कहा जाता था जहां लैंडिंग किसी मौत के खेल जैसी थी. अनुभवी पायलट्स भी यहां आते तो गला सूख जाता था क्योंकि लोकेशन और आसपास की ऊंची इमारतें हर पल खतरा पैदा कर देती थीं.

Kai Tak एयरपोर्ट क्यों सबसे डरावना था

Kai Tak की खतरनाकी इसकी लोकेशन में थी जो शहर के बीचोंबीच था और पहाड़ियों से घिरा हुआ जहां प्लेन उतरते वक्त इमारतों को छूते हुए गुजरना पड़ता था. एक छोटी सी चूक से सब खत्म हो सकता था इसलिए 73 सालों तक यह पायलट्स के लिए सबसे कठिन चैलेंज बना रहा.

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लैंडिंग में 47 डिग्री टर्न क्यों जरूरी था

लैंडिंग के आखिरी मोमेंट में प्लेन को 47 डिग्री दाहिने ओर मुड़ना पड़ता था ताकि पहाड़ी से बच सके और रनवे पर सही से उतरे. यह मैन्युअल टर्न इतना शार्प था कि देखने वाले यात्री सांस रोक लेते थे और पायलट को सेकंड्स में फैसला लेना पड़ता था.

प्लेन इमारतों से कितना करीब गुजरता था

प्लेन उतरते वक्त आवासीय बिल्डिंग्स से इतना करीब से निकलता था कि अंदर बैठे पैसेंजर्स घरों के अंदर झांक सकते थे जैसे रसोई में क्या पक रहा है या लोग क्या कर रहे हैं. यह नजारा इतना डरावना था कि कई बार लोग चिल्ला उठते थे लेकिन पायलट्स को शांत रहना पड़ता था.

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लोकल लोगों को क्या परेशानी होती थी

जब प्लेन ऊपर से गुजरता तो इंजन की जोरदार आवाज से पूरा इलाका कांप जाता और लोग बातचीत बंद कर देते थे क्योंकि शोर इतना तेज होता था कि कुछ सुनाई न देता. रोजाना यह सीन देखकर लोकल्स का सिरदर्द बढ़ जाता था और कई बार शिकायतें भी होती थीं.

Hong Kong Turn का सबसे खतरनाक हिस्सा क्या था

Hong Kong Turn Kai Tak का कुख्यात पार्ट था जहां पायलट आखिरी पल में 47 डिग्री मोड़ लेते थे और पहाड़ी पर लाल-सफेद चेकर्ड बोर्ड गाइड करता था ताकि टाइमिंग सही रहे. यह टर्न इतना रिस्की था कि गलत कैलकुलेशन से क्रैश हो सकता था इसलिए यहां स्पेशल ट्रेनिंग अनिवार्य थी.

पायलट्स को यहां क्या खास ट्रेनिंग मिलती थी

Kai Tak पर लैंडिंग के लिए पायलट्स को अलग से सिम्युलेटर ट्रेनिंग दी जाती थी जहां वे इस शार्प टर्न का अभ्यास करते थे ताकि रियल टाइम में चूक न हो. अनुभवी कैप्टन भी यहां घबराते थे लेकिन ट्रेनिंग से कॉन्फिडेंस आता था जो हर फ्लाइट को सेफ बनाती थी.

आज Kai Tak का क्या हाल है

अब Kai Tak बंद हो चुका है और 1998 से नया Chek Lap Kok Airport ले लिया गया है लेकिन पुरानी साइट अब क्रूज टर्मिनल बन गई है जहां डरावने किस्से सिर्फ यादों में बाकी हैं. यह जगह टूरिस्ट्स को अट्रैक्ट करती है जो पुरानी लैंडिंग वीडियोज देखकर सिहर उठते हैं.