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अब नोटों की गड्डियों से बनेगा आपके घर का फर्नीचर, दिल जीत लेगा RBI का यह प्लान

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पास हर साल 15000 टन वजन के नोट वापस आते हैं, जो कटे-फटे और जले हाल में होने के कारण चलन से बाहर हो जाते हैं. RBI को इन्हें पूरी तरह नष्ट करना होता है. इस प्रक्रिया में लंबा-चौड़ा खर्च भी होता है लेकिन अब रिजर्व बैंक ने रद्दी हो चुके नोटों से भी कमाई का प्लान बना लिया है.

By Arun Kumar | Updated: April 7, 2026 3:25 PM IST

नोट छापने वाला RBI क्यों बना रहा फर्नीचर

लकड़ी का नया फर्नीचर खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. फर्नीचर खरीदने से पहले गूगल पर आप यह सर्च कर रहे हैं कि कौन से प्लाई बोर्ड से बना फर्नीचर बढ़िया, मजबूत और किफायती होगा, जो ज्यादा चले? तो बता दें इस मामले में देश में नोट छापने वाला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आपकी मदद करने के लिए आगे आ रहा है. (तस्वीर: AI)

रद्दी हो चुके नोटों से बनेगा घर का फर्नीचर

RBI नोटों से निर्मित होने वाली प्लाई बोर्ड लाने की योजना बना चुका है. जी हां, देश के रिजर्व बैंक को हर साल 15000 टन वजन के नोट खराब अवस्था में मिलते हैं, जिन्हें उसे नष्ट करना होता है. अब बैंक ने रद्दी हो चुके इन नोटों को रिसायकल कर फर्नीचर बनाने का प्लान बनाया है. नोटों से फर्नीचर! यह सुनकर दिमाग घूम गया न! लेकिन अब ऐसा ही होने जा रहा है. RBI ने वूडन साइंस एंड टेक्नीकल इंस्टीट्यूट के साथ पर्यावरण का ध्यान रखने के मकसद से हाथ मिलाया है. (तस्वीर: AI)

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वूडन साइंस ने नोटों से बनाया प्लाई बोर्ड, टेस्ट में पास

वूडन साइंस एंड टेक्नीकल इंस्टीट्यूट केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वायत निकाय है. इसने अपनी रिसर्च में पाया कि रद्दी हो चुके नोटों से बने प्लाई बोर्ड उन तकनीकी पहलुओं पर खरे उतरते हैं. यानी जैसे प्लाई बोर्ड बाजार को चाहिए ये बिल्कुल वैसे ही निर्मित होते हैं और इससे पर्यावरण को कोई नुकसान भी नहीं होता. (तस्वीर: AI)

किसी भी बैंक में बदल सकते हैं खराब नोट

बता दें- जब कोई नोट बाजार में कटा-फटा या जली अवस्था में हो तो वह चलन से बाहर हो जाता है. कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक की शाखा में जाकर ऐसे नोट बैंक में जमा कराकर उन्हें चलन में मौजूद नोटों से बदल सकता है. RBI का नियम है कि एक व्यक्ति 5000 रुपये के मूल्य तक अधिकतम 20 खराब नोट (जो कटे, फटे या जले) बदल सकता है. (तस्वीर: X.com)

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मशीनों से चेक करने के बाद RBI करता है नोटों की छंटाई

बैंक इन खराब हो चुके नोटों को RBI के कलेक्शन सेंटर पर भेज देते हैं. RBI ने देश भर में ऐसे कुल 19 सेंटर बनाए हुए हैं. इन सेंटर्स पर मशीनों के द्वारा इन नोटों की जांच होती है. इस जांच में यह चेक किया जाता है क्या नोट वाकई खराब और चलन से बाहर की अवस्था में आ चुके हैं या फिर वे अभी भी चल सकते हैं. जो नोट 50% से ज्यादा खराब हो चुके हैं उन्हें नष्ट करने के लिए चलन से बाहर कर दिया जाता है. वहीं जिन नोटों में अभी जान बाकी होती है तो उन नोटों को बैंकों के जरिए वापस बाजार में भेज दिया जाता है. (तस्वीर: AI)

अब तक ऐसे नष्ट किए जाते थे रद्दी नोट

अब तक RBI की नीति थी कि जो नोट रद्दी हो चुके हैं उन्हें वह एक तय विधि द्वारा नष्ट करता था. पहले इन नोटों को एक मशीन में डालकर बारीक-बारीक टुकड़ों में काट दिया जाता था. इसके बाद इन टुकड़ों को एक दूसरी मशीन में डालकर जला कर राख कर दिया जाता है. इसके बाद इन नोटों की राख को लैंड फिल (यानी) जमीन के नीचे दबाकर नष्ट कर देता है. लेकिन इन नोटों में स्याही, धागा और केमिकल का प्रयोग होने से पर्यावरण को खतरा होता है. ऐसे में रद्दी नोटों से प्लाईबोर्ड बनाने से पर्यावरण को होने वाले खतरे से बचा जा सकेगा. (तस्वीर: AI)