जी मीडिया के खोस शो ‘A DIALOGUE WITH JC’ में जी हिंदुस्तान और जी रीजनल्स के सीईओ जगदीश चंद्र ने गुजरात चुनाव के पहले चरण के बाद अपने बेबाक विश्लेषण में इन चुनावों को मोदी के लिए सबसे मुश्किल चुनाव बता दिया. उनके मुताबिक अब 18 तारीख का इंतजार है. हालांकि उनके मुताबिक इंतजार अमित शाह को भी होगा क्योंकि वो दावा कर चुके हैं कि उनका बूथ मैनेजमेंट सक्सेसफुल रहेगा. पहले चरण में शांतिपूर्ण मतदान के लिए जगदीश चंद्र ने चुनाव आयोग की तारीफ की. 

Gujarat Assembly elections 2017: Bumper voting in first phase election | गुजरात में पहले चरण में बंपर वोटिंग, 68 फीसदी मतदान हुआ

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जगदीश चंद्र के मुताबिक आम धारणा देश में यही है कि सरकार बीजेपी बन लेगी. बेशक बहुमत वो ना आए जिसकी उम्मीद बीजपी कर रही है. सर्वे और सट्टा बाजार भी बीजेपी को सिंगल लार्जेस्ट पार्टी मान रहे हैं. हालांकि जगदीश चंद्र ने ये माना कि सूरत में बीजेपी को थोड़ा नुकसान हो सकता है. क्योंकि वहां व्यापारियों का बड़ा वर्ग नोटबंदी और जीएसटी से प्रभावित हुआ है. Also Read - BJP win in Gujarat Boost Party Morale in Bengal | गुजरात की जीत से बंगाल में बीजेपी के हौसले हुए बुलंद

जगदीश चंद्र ने गुजरात के तीन युवाओं हार्दिक-अल्पेश-जिग्नेश के बीजेपी को फटका देने के सपने पर कहा कि ये तीनों उस स्थिति में नजर तो नहीं आते लेकिन अगर कोई चमत्कार हुआ तो कहा नहीं जा सकता. इसी तरह से चंद्र ने मणिशंकर अय्यर के ताजा बयान को कांग्रेस के लिए नुकसानदेह बता दिया. उनके मुताबिक मोदी ने इसे पीएम, गुजरात और गुजराती अस्मिता से बखूबी जोड़ दिया है. Also Read - mourning in Congress office, Celebrations in BJP | गुजरातः कांग्रेस के दफ्तर में छाया सन्नाटा, बीजेपी में जमकर जश्न

सीएम विजय रुपाणी की हार को भी नकारते हुए जगदीश चंद्र ने राजकोट में बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को बीजेपी के पक्ष में बताया. जगदीश चंद्र ने ये जरूर माना कि पीएम की सभाओं में पहले से कुछ कम भीड़ रही मगर कुछ खाली कुर्सियों का मतलब ये नहीं है कि मोदी से लोगों का मोहभंग हो रहा है. जगदीश चंद्र ने चुनाव प्रचार में उठ रहे हिंदू-गैर हिंदू के मुद्दे को स्तरहीन राजनीति बताया. उनके मुताबिक हांर्दिक समेत तीनों युवाओं ने जरूर स्थानीय मुद्दों को उठाने की कोशिश की, मगर बीजेपी ने मोदी के चेहरे को आगे रखा और कांग्रेस भी मोदी विरोध में लगी रही. 

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उनके मुताबिक ट्रिपल तलाक का मुद्दा यहां भी बीजेपी के पक्ष में जा सकता है. यूपी निकाय चुनाव में जीत का भी असर गुजरात में दिख सकता है. हालांकि जगदीश चंद्र ये भी कहना नहीं भूले कि मोदी को जनता की नब्ज पता है और उन्हें एहसास है कि अगर वो हारे तो उन्हें इसकी सियासी कीमत चुकानी पड़ सकती है. वहीं, चंद्र ने ये भी कहा कि अगर कांग्रेस वहां बेहतर प्रदर्शन करती है तो इससे राहुल का ग्राफ और बढ़ेगा, अगर कांग्रेस हारी भी तो भी इस चुनाव ने राहुल को एक लीडर के तौर पर स्थापित कर दिया है.

उनके मुताबिक बीजेपी गुजरात को टेकेन फॉर ग्रांटेड नहीं ले रही है और ना ही ले सकती है. क्योंकि चुनाव अगर बीजेपी हारती है तो ये बीजेपी की नहीं मोदी की हार होगी.