क्या एलियंस का संकेत है आसमान में नाचती ये रंगीन रोशनी? वैज्ञानिकों ने बताया 'ऑरोरा लाइट्स' के पीछे की हैरान कर देने वाली असल सच्चाई

Northern Lights Reality: दुनिया में कुछ जगहें ऐसी है, जहां अक्सर रात के अंधेरे में आसमान में रहस्यमयी रंगीन रोशनी दिखाई देती है. ये रोशनी इतनी खास है कि इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. आइए जानते हैं क्या है ये रोशनी और कहां आप इसे देख सकते हैं? साथ ही ये भी जानेंगे कि ये रोशनी पृथ्वी के लिए खतरनाक है कि नहीं?

Published date india.com Published: January 6, 2026 5:51 PM IST
What is the name of the colorful light that appears in the night sky
What is the name of the colorful light that appears in the night sky

आपने कभी न कभी ऑरोरा लाइट्स ( नॉर्दर्न लाइट्स) के बारे में सुना होगा, जो रात के समय दिखाई देती हैं. ऑरोरा लाइट्स रंगीन (हरी और बैंगनी ) होती हैं, जो आसमान में इतनी खूबसूरती से नाचती हैं कि देखने वाले अपनी नजरें नहीं हटा पाते और उन लाइट्स की जादुई दुनिया में खो जाते हैं. इस खूबसूरत दृश्य को देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग आते हैं. यह लाइटें इतनी ज्यादा चर्चा में हैं कि अब बाकायदा इसको देखने के लिए कई ट्रैवल कंपनियां टूट आयोजित करती हैं. लेकिन, लोगों का सवाल होता हैं कि आखिर ये लाइट्स क्या है और कहां से आती है? क्या इसका कनेक्शन किसी रहस्यमयी एलियंस से है? आइए जानते हैं इस रोशनी के बारे में सबकुछ.

आखिर कहां से आती है ये रोशनी? क्यों होती है रंगीन

इन लाइट्स को लेकर वैज्ञानिक बातें हैं कि सूरज की सतह पर विस्फोट होते रहते हैं, जिन्हें सौर तूफान कहा जाता है. इन विस्फोटों से बिजली से चार्ज कणों की विशाल लहर निकलती है, जो अपने साथ प्लाज्मा का कुछ हिस्सा लेकर सफर करती हुई पृथ्वी के पास से गुजरती है. इस दौरान धरती का (गुरुत्वाकर्षण बल) ग्रेविटेशनल फोर्स इसे अपनी ओर खींच लेता है. फिर क्या, ये कणों की लहर पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद परमाणुओं और अणुओं से तेजी से टकराने लगती है, जिससे यह गर्म होकर चमकने लगती है.

किस तत्वों की वजह से निकलती है ये रंगीन रोशनी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, रोशनी का रंग पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद तत्वों पर निर्भर करता है. यानी कि जब ये कण ऑक्सीजन से टकराकर गर्म होते हैं, तो हरे रंग की रोशनी निकलती है. वहीं, जब ये कण वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन से टकरा कर गर्म होते हैं, रंग बैंगनी, नीला या गुलाबी निकलता है. वहीं कई बार ज्यादा ऊंचाई पर जब ये कण ऑक्सीजन से टकराते हैं, तो गहरा लाल रंग की रोशनी भी छोड़ते हैं, लेकिन यह दृश्य बहुत कम दिखाई देता है.

आप कहां देख सकते हैं इन खूबसूरत रोशनियों को?

रोशनियों के इस खूबसूरत नाच को देखने के लिए आपको आर्कटिक सर्कल या दक्षिणी ध्रुव यानी ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस जाना पड़ेगा, जोकि अंटार्कटिका के आसपास है. डीडब्ल्यू न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, हम अभी शक्तिशाली सनस्पॉट्स और लपटों के 11 साल के चक्र से गुजरे हैं, जिसे ‘सोलर मैक्सिमम’ कहा जाता है. इस दौरान, इन रोशनियों ने ध्रुवों से बहुत दूर तक के आसमान को भी रंगों से भर दिया है.

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नॉर्दर्न लाइट्स से पृथ्वी को कैसा खतरा?

ये लाइट्स जितनी देखने में खूबसूरत लगती हैं, उतनी खतरनाक भी मानी जाती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लाइट्स पर स्टडी कर रहे वैज्ञानिकों का मानना है इन नॉर्दर्न लाइट्स में मौजूद सोलर एनर्जी पार्टिकल्स पृथ्वी के ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुवीय क्षेत्रों में कभी-कभी ऑरोरा बोरियालिस की वजह से ओजोन लेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शायद आप जानते न हो लेकिन, ओजोन लेयर पृथ्वी की सतह से लगभग 15 से 30 किलोमीटर ऊपर गैस की एक पतली परत है, जो सूरज की तेज रेडिएशन से हमारी रक्षा करती है और आसान भाषा में कहें तो ये एक तरह का ढाल है, जो हमें सूरज की खतरनाक रेडिएशन से बचाती है.

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