Red, Yellow और Orange...हीटवेव अलर्ट में इन रंगों का क्या होता है मतलब? यहां समझें पूरा ABCD

हीट वेव का मतलब होता है जब तापमान लगातार कई दिनों तक सामान्य से बहुत ज्यादा हो जाए. इस दौरान, मौसम विभाग तीन तरह के अलर्ट जारी करता है. चलिए जानते है इस बारे में-

Published date india.com Published: April 26, 2025 11:38 PM IST
Red, Yellow और Orange...हीटवेव अलर्ट में इन रंगों का क्या होता है मतलब? यहां समझें पूरा ABCD

हर साल गर्मी के मौसम में तापमान नए रिकॉर्ड तोड़ता है और बाहर निकलना किसी सजा से कम नहीं लगता. धूप इतनी तेज होती है कि सड़कें तपने लगती और ऐसे में हवा में नमी भी कम हो जाती है. ऐसे में अक्सर आपने न्यूज या सोशल मीडिया पर ‘हीट वेव’ का नाम सुना होगा. हीट वेव का मतलब होता है जब तापमान लगातार कई दिनों तक सामान्य से बहुत ज्यादा हो जाए. यह सिर्फ गर्मी बढ़ना नहीं, बल्कि एक गंभीर खतरा भी है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन हो सकता है.

येलो, ऑरेंज और रेड का मतलब क्या है?

हीट वेव के समय मौसम विभाग तीन तरह के अलर्ट जारी करता है– येलो, ऑरेंज और रेड. इन अलर्ट्स का मकसद होता है कि लोग समय रहते सतर्क हो जाएं और खुद को बचा सकें. चलिए अब इन तीनों अलर्ट का मतलब बताते हैं- येलो अलर्ट का मतलब है कि गर्मी बढ़ेगी, थोड़ा सतर्क रहिए, लेकिन अभी खतरा बहुत बड़ा नहीं है.

फिर आता है ऑरेंज अलर्ट, जो बताता है कि अब गर्मी गंभीर हो चुकी है और बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को खास ख्याल रखना चाहिए. सरकार भी इस दौरान अस्पताल और पानी की सुविधाएं मजबूत करने लगती है. सबसे आखिर में आता है रेड अलर्ट, जो सीधी चेतावनी है कि बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है. इसका मतलब है अब हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाना जरूरी है.

रेड अलर्ट के समय क्या करें, क्या न करें?

जब मौसम विभाग रेड अलर्ट जारी करें, तो समझ लीजिए मौसम से मजाक करने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं है. दोपहर के समय घर से बाहर बिल्कुल न निकलें, अगर बहुत जरूरी है तो हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें. इसके अलावा, पानी खूब पिएं चाहे प्यास लगे या न लगे और खुद को हाइड्रेट रखें. बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों पर खास ध्यान दें, क्योंकि उनका शरीर गर्मी को सहने में कमजोर होता है.

क्यों जरूरी है अलर्ट को समझना?

कई बार हम सोचते हैं कि हम तो रोज गर्मी झेलते हैं, क्या फर्क पड़ता है? लेकिन फर्क बहुत बड़ा पड़ता है. अगर अलर्ट्स को समझकर सही समय पर सही कदम उठाए जाएं, तो हम हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गंभीर बीमारियों से खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं. समय पर सावधानी बरतना न केवल आपकी सेहत बचाता है, बल्कि अस्पताल जाने की नौबत भी कम कर देता है. जब मौसम विभाग अलर्ट जारी करता है, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता आपको गर्मी के कहर से सुरक्षित रख सकती है.

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