What Is Digital Rape How Much Punishment Does Accused Culprit Get In This
डिजिटल रेप क्या होता है? जिसे लेकर देशभर में मचा बवाल, जानें आरोपी को मिलने वाली सजा से लेकर सबकुछ यहां
What Is Digital Rape: डिजिटल रेप के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कई लोग अब भी इस अपराध से अनजान हैं. आइए समझते हैं कि डिजिटल रेप क्या होता है और इसमें आरोपी को कितनी सजा मिलती है?
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से हाल ही में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. यहां एक एयर होस्टेस जो ICU में वेंटिलेटर पर भर्ती थीं, उनके साथ वहां तैनात टेक्नीशियन ने डिजिटल रेप किया. पीड़िता जब होश में आई, तब उसने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया. यह मामला लोगों को झकझोर देने वाला है, क्योंकि जिस जगह पर भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर काम करते हैं, वहीं ऐसी घटना घटी. डिजिटल रेप के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कई लोग अब भी इस अपराध से अनजान हैं. आइए समझते हैं कि डिजिटल रेप क्या होता है और इसमें आरोपी को कितनी सजा मिलती है?
डिजिटल रेप क्या होता है?
डिजिटल रेप एक गंभीर यौन अपराध है, जिसमें बिना सहमति के किसी महिला के प्राइवेट पार्ट में उंगली या किसी वस्तु से दखल की जाती है. यहां डिजिटल शब्द का मतलब इंटरनेट से नहीं, बल्कि उंगलियों (फिंगर्स) से है. 2012 के निर्भया कांड के बाद इस अपराध (Digital Rape) को कानून में बलात्कार की श्रेणी में शामिल किया गया था. अब इसे नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी गंभीर अपराध माना गया है.
आरोपी को कितनी मिलती है सजा?
बता दें कि भारत में डिजिटल रेप को लेकर सख्त सजा का प्रावधान है. पुराने कानून आईपीसी की धारा 375 और 376 के तहत दोषी को कम से कम 7 साल और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है. अगर पीड़ित नाबालिग हो तो पॉक्सो एक्ट के तहत 10 से 20 साल या उम्रकैद की सजा हो सकती है. अब नए कानून BNS के अनुसार, भी अगर पीड़िता की सहमति के बिना ऐसा कोई कृत्य होता है तो आरोपी को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है.
समाज में जागरूकता की जरूरत
अक्सर ये देखा गया है कि डिजिटल रेप जैसे मामलों में महिलाएं चुप रह जाती हैं, खासकर जब अपराधी अस्पताल या किसी सम्मानित संस्थान से जुड़ा हो. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस विषय पर खुलकर बात करनी चाहिए और लोगों को इस बारे में ज्यादा से ज्यादा बताना चाहिए. स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है, ताकि लोग समझें कि ऐसा कोई भी कृत्य कानूनन अपराध है.
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