1993 Mumbai blasts: साल 1993 में सिलसिलेवार धमाकों (1993 Serial Blast) से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई दहल गई थी. मुंबई के अलग-अलग इलाकों और बेस्ट की बस में हुए इन धमाकों ने देश को हिलाकर रख दिया था. इन धमाकों के साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) और अन्य देश छोड़कर भाग गए थे. हालांकि, कुछ लोग पुलिस के हत्थे चढ़े, लेकिन ज्यादातर आरोपी फरार ही रहे. इन धमाकों से जुड़े चार आंतकवादी इसी महीने गुजरात में पकड़े गए थे. अब इन चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में इस महीने की शुरुआत में गुजरात से गिरफ्तार किए गए चार व्यक्तियों को सोमवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मुंबई के रहने वाले चार आरोपियों – अबू बकर, सैयद कुरैशी, मोहम्मद शोएब कुरैशी और मोहम्मद यूसुफ इस्माइल को गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 12 मई को अहमदाबाद के सरदारनगर इलाके से एक विशिष्ट गुप्त सूचना के बाद पकड़ा था. बाद में उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था, जो सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले की जांच कर रहा है.
चारों आरोपियों को सोमवार को उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने पर विशेष सीबीआई न्यायाधीश आरआर भोसले के समक्ष पेश किया गया. सीबीआई ने उनकी हिरासत 14 दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया. हालांकि, अदालत ने याचिका खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. आरोपी इस महीने की शुरुआत में पकड़े गए थे. वे 29 साल से फरार थे.
आरोपियों ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पासपोर्ट बनवाया था. गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये चारों 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में वांछित हैं.
अधिकारी ने बताया कि सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था. मार्च 1993 में मुंबई में हुए 12 सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 1400 से अधिक व्यक्ति घायल हो गए थे.
(इनपुट – पीटीआई)
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.