
Gargi Santosh
गार्गी संतोष Zee Media के India.com में सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड न्यूज सेक्शन संभालती हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, स्पोर्ट्स और वायरल ... और पढ़ें
अगस्त के आखिरी दिनों के दौरान यानि (25 से 30 अगस्त) के बीच राजस्थान और गुजरात के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण गुजरात में बहुत बारिश हुई. राज्यभर में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. गुजरात में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, टीम शीघ्र ही गुजरात के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेगी, जहां 25 से 30 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हुई थी. बयान में कहा गया, कि गृह मंत्रालय ने गुजरात में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) के कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया है.
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान में आगे कहा गया, कि गृह मंत्रालय इन राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है. यदि वे व्यापक नुकसान की सूचना देते हैं, तो वहां भी आईएमसीटी को भेजा जाएगा.
आपको बता दें कि इस साल मानसून के दौरान कुछ अन्य राज्य भी भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं. गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
बयान में कहा गया कि अगस्त 2019 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार गृह मंत्रालय ने इस वर्ष आईएमसीटी का गठन किया. जिसने बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित असम, केरल, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों का दौरा किया. साथ ही उनके ज्ञापन का इंतजार किए बिना मौके पर जाकर नुकसान का आकलन किया.
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