Anti-conversion Law in Gujarat: उत्तर प्रदेश की सरकार के फैसले के तर्ज पर अब गुजरात सरकार भी शादी द्वारा जबरन या धोखे से धर्मांतरण पर कानून लाने जा रही है. गुजरात विधानसभा में अगले सप्ताह एक विधेयक पेश किए जाने की संभावना है जिसमें शादी द्वारा जबरन या धोखे से धर्मांतरण पर तीन से दस साल की जेल और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. विधेयक में 2003 के एक कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है और इसमें कहा गया है कि धर्मांतरण के मकसद से शादी के लिए महिलाओं को आकर्षित करने की उभर रही प्रवृत्ति पर काबू का प्रावधान किया गया है. Also Read - COVID वैक्सीन लगवाइये और सोने का उपहार पाइये! इस राज्य में टीके के बाद महिलाओं को मिल रहा Gold का नोज पिन तो पुरुषों को...

गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक (Gujarat Freedom of Religion Amendment Bill) की प्रति शुक्रवार को विधानसभा में उपलब्ध कराई गई. गौरतलब है कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इस तरह के कानून बनाए गए हैं. बिल में कहा गया है कि शादी के बाद जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाना आवश्यक है और इसीलिए यह संशोधन लाया जा रहा है. Also Read - Gujarat Corona Spike: 24 घंटों में मिले 2,640 नए मामले, 11 लोगों की संक्रमण से गई जान

विधेयक के अनुसार शादी के बाद जबरन धर्मांतरण की स्थिति में तीन से पांच साल की कैद और दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. यदि पीड़ित नाबालिग, दलित या आदिवासी है तो अपराधियों को चार से सात साल की कैद और न्यूनतम तीन लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा अगर कोई संगठन कानून का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके प्रभारी को तीन से दस साल तक की कैद और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. Also Read - Gujarat: चोटिला हिल तक बनेगा रोपवे, गुजरात सरकार ने दी मंजूरी