Gujarat Budget: गुजरात के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नितिन पटेल (Nitin Patel) ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्य का वार्षिक बजट पेश किया, जो 527 करोड़ रुपये के कुल अधिशेष (सरप्लस) के साथ 2,27,029 करोड़ रुपये है. पटेल ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन, वित्त मंत्री के रूप में नौवीं बार बजट पेश किया. बजट में 1,66,760 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय के साथ 1, 67, 969 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति (रिवेन्यू रिसिप्ट) का अनुमान लगाया गया है. Also Read - बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत करने संबंधी विधेयक राज्यसभा में पेश

वित्त मंत्री ने 50,751 करोड़ रुपये की पूंजी प्राप्तियां और 56,571 करोड़ रुपये के ऋण और अग्रिम सहित पूंजीगत व्यय का अनुमान लगाया है. बजट प्रावधानों के तहत, वित्त मंत्री ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के लिए 7,232 करोड़ रुपये, जल संसाधन के लिए 5,494 करोड़ रुपये, शिक्षा विभाग के लिए 32,719 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य विभाग के लिए 11,323 करोड़ रुपये आवंटित किए. Also Read - Ujjwala Yojana Gas Connections: उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लेने पर सरकार देती है 1,600 रुपए, जानिए- किस तरह से उठाएं इसका फायदा

राज्य सरकार नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के लिए एक नई योजना शुरू करेगी. साथ ही बजट में जलापूर्ति के लिए 3,974 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को 4,353 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जहां सरकार ने कुंवरबाई मामेरू योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी है. Also Read - UP Budget 2021: पेपरलेस बजट की तैयारी में यूपी सरकार, 'ई-कैबिनेट' के लिए मंत्रियों को दी जा रही ट्रेनिंग

राज्य सरकार ने 13,493 करोड़ रुपये का आवंटन शहरी विकास विभाग के लिए किया है. इसके अलावा 13,034 करोड़ रुपये ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल विभाग को, 11,185 करोड़ रुपये सड़क और भवन विभाग को, 6,550 करोड़ रुपये उद्योग और खनन विभाग को आवंटित किए गए हैं.

इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग के लिए 2,656 करोड़ रुपये, पंचायतों और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8,796 करोड़ रुपये, श्रम और रोजगार विभाग को 1,502 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि गृह विभाग के अंतर्गत कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के लिए 7,960 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जबकि वन विभाग के लिए 1,814 करोड़ रुपये, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के लिए 1,224 करोड़ रुपये, पोर्ट्स और परिवहन विभाग को 1,478 करोड़ रुपये तथा जलवायु परिवर्तन विभाग को 9,102 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.