Gujarat News: गुजरात के सूरत पुलिस (Surat Police) ने रिलायंस जियो (Reliance Jio) के ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल करने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी जियो ट्रेडमार्क का गैरकानूनी इस्तेमाल, गेंहू का आटा बेचने के लिए करते थे. पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर सूरत शहर से यह गिरफ्तारियां की हैं. सूरत के ‘सचिन पुलिस स्टेशन’ में जियो ब्रांड नाम और उसके लोगो का उपयोग करके गेहूं का आटा बेचने के मामले में राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.Also Read - कांग्रेस के बाद गुजरात में भाजपा का चिंतन शिविर, विधानसभा चुनाव जीतने पर हुआ मंथन

सूरत (जोन 3) की पुलिस उपायुक्त (DCP) विधी चौधरी ने बताया कि मामला ट्रेडमार्क अधिनियम (Trademark Law) के तहत दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा, “रिलायंस जियो ने सूरत के सचिन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि राम कृष्ण ट्रेडलिंक नाम की कंपनी जियो ट्रेडमार्क का उपयोग करके गेहूं का आटा बेच रही है. डीसीपी ने बताया कि “शिकायत के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. Also Read - गुजरात के बीजेपी विधायक समेत 25 आरोपियों को जुआ खेलने के मामले में कोर्ट ने सुनाई सख्‍त सजा

पुलिस से की गई शिकायत के अनुसार, 8 जनवरी को एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर एक खबर दिखाई गई थी, जिसकी हेडलाइन थी ‘जियो डाटा के बाद जियो का आटा’ (Jio Data ke baad Jio ka Aata) तफ्तीश में पता चला कि सूरत की राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी अपनी आटे की बोरियों पर जियो का लोगो लगाकर आटा बेच रही थी. जियो लोगो के गैरकानूनी इस्तेमाल पर रिलायंस जियो ने सूरत पुलिस आयुक्त से इस बाबत पूछताछ करने का आग्रह किया था. Also Read - गैर मर्द संग संबंध के शक में पति ने पत्नी को जिंदा जलाने के बाद खुद भी दे दी जान...

नए कृषि कानूनों (Farm Laws) पर रिलायंस जियो (Jio) लगातार निशाने पर है. पंजाब में जियो के टावरों पर हमला भी हुआ था. सोशल मीडिया (Social Media) पर भी रिलायंस जियो को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलती रही हैं. सूरत के राम कृष्ण ट्रेडलिंक कंपनी के आटे की बोरियों को दिखा कर उन्हें जियो का बताया गया. जबकि रिलायंस यह साफ कर चुकी है कि उसका कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से कोई लेना देना नही है और न ही कंपनी किसानों से सीधे कोई खरीद करती है.

शिकायत में आगे कहा गया है कि फर्म, राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी गेहूं के आटे के बैग पर जियो का लोगो छापते थे और बाजार में बेचते थे. जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो या कोई भी अन्य कंपनी किसी भी तरह के कृषि उपज का हिस्सा नहीं है. इन सभी लोगों ने अपने स्वयं के वित्तीय लाभ के लिए जियो के ट्रेडमार्क (Jio Trademark) का दुरुपयोग किया है.

इसलिए, इन सभी लोगों और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है. सचिन पुलिस स्टेशन (Sachin Police Station) ने ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की जांच चल रही है.