सूरत (गुजरात): गुजरात (Gujarat) के सूरत की एक कोर्ट (Surat Court) ने अदालती न्‍याय को इतना त्‍वरित तरीके से निपटाया कि ढाई साल की मासूम से रेप करने के बाद उसका मर्डर वाले दरिंदे को मौत की सजा (Death Penalty) सुना दी है. कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में मौत की सजा सुनाई और मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम करार दिया. गुजरात के सूरत में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण की एक अदालत (Children from Sexual Offenses (POCSO) court) ने ढाई साल की बच्ची के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या (raping and killing a two-and-a-half-year-old girl) करने के मामले में दोषी 35 साल के प्रवासी मजदूर को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई और मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम करार दिया. मासूम से रेप और उसकी हत्‍या की यह घटना पिछले महीने हुई थी.Also Read - मुंबई में युवती से गैंगरेप, 4 नाबालिगों ने घटना को दिया अंजाम, 3 हिरासत में लिए गए

आरोपी के अरेस्‍ट होते ही 8 दिन में आरोप पत्र, 43 की गवाही और एक महीने के अंदर फैसला
त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए पांडेसरा पुलिस ने 8 नवंबर को मजदूर को गिरफ्तार करने के बाद सात दिन के भीतर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया था. अदालत ने मामले में 43 गवाहों के बयान दर्ज किए और एक महीने के अंदर फैसला सुना दिया. Also Read - EPFO Latest Update: EPFO ने नवंबर 2021 में जोड़े 13.95 लाख ग्राहक, 8.28 लाख लोग पहली बार बने मेंबर

कोर्ट ने कल दोषी करार दिया और आज सुनाई फांसी की सजा
अदालत ने सोमवार को आरोपी गुड्डू यादव को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण, बलात्कार और हत्या के विभिन्न आरोपों में दोषी ठहराया था. पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश पीएस कला ने मंगलवार को दुर्लभ से दुर्लभतम पाया और गुड्डू को भारतीय दंड संहिता की धारा 376-एबी और 302 के तहत मौत की सजा सुनाई. Also Read - Marital Rape: सहमति के बिना पत्नी से यौन संबंध बनाना रेप है या नहीं, इस पर हाईकोर्ट में हो रही चर्चा

बच्ची के परिवर को 20 लाख रुपए बतौर मुआवजा देने का निर्देश भी
अदालत ने राज्य सरकार को बच्ची के परिवर को 20 लाख रुपए बतौर मुआवजा देने का निर्देश भी दिया. सुनवाई के अंतिम दिन, लोक अभियोजक नयन सुखाड़वाला ने दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. आरोपी बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सूरत शहर के पांडेसरा इलाके में रहता था. वह एक कारखाने में काम करता था.

अदालत ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम मामला मामला माना
सुखाड़वाला ने दोषी को मृत्युदंड देने के अनुरोध पर जोर देते हुए अदालत से इसे एक दुर्लभ से दुर्लभतम मामले के तौर पर देखने का आग्रह किया और देश में पूर्व में ऐसे ही मामलों में दिए 31 आदेशों का हवाला दिया था. न्यायाधीश पीएस कला ने इस मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम पाया.

इतनी बर्बरता दिखाई थी कि बच्ची के आंतरिक अंग भी शरीर से बाहर आए गए थे
अभियोजन पक्ष ने अदातल को बताया था कि गुड्डू ने इतनी बर्बरता दिखाई थी कि बच्ची के आंतरिक अंग भी शरीर से बाहर आए गए थे. अपराध को अंजाम देने के बाद उसने बच्ची का शव झाड़ियों में फेंक दिया था. वहीं, आरोपी के वकील ने नरमी की मांग की थी और कहा था कि मृत्युदंड से उसके मुवक्किल के बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो सकता है.

बिहार के ही एक प्रवासी श्रमिक की ढाई साल की बेटी का अपहरण कर दरिंदगी की थी
अभियोजन पक्ष ने अनुसार, गुड्डू ने चार नवंबर की रात को बिहार के ही एक प्रवासी श्रमिक दंपति की ढाई साल की बेटी का अपहरण कर उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी. बच्ची का शव सात नवंबर को उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर एक फैक्टरी के पास से बरामद हुआ था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखने और स्थानीय सूत्रों तथा लोगों से जानकारी बटोरने के बाद 8 नवंबर को गुड्डू को गिरफ्तार किया था.